दिव्यांग बच्चों के लिए सुगम आवागमन की पहल, सीआरसी गोरखपुर ने पेश की समावेशी व्यवस्था की मिसाल
गोरखपुर। दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उपचार और पुनर्वास सेवाओं तक पहुँचने में होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी), गोरखपुर ने सराहनीय पहल की है। इसके तहत सीआरसी भवन से बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार तक लगभग 500 मीटर की दूरी के लिए आवागमन सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इस सुविधा की व्यवस्था REC के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) सहयोग से की गई है। इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को आने-जाने में होने वाली परेशानियों से राहत देना तथा उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं तक उनकी पहुँच को आसान बनाना है।
दिव्यांग बच्चों के लिए अस्पताल और पुनर्वास केंद्र तक पहुँचना कई बार एक बड़ी चुनौती बन जाता है। विशेष रूप से चलने-फिरने में कठिनाई वाले बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए छोटी दूरी भी मुश्किल साबित हो सकती है। ऐसे में यह व्यवस्था उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
यह पहल इस बात को भी रेखांकित करती है कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण केवल योजनाओं और आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि परिवहन, भवनों, सार्वजनिक स्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुगम बनाना आवश्यक है।
सुगम आवागमन केवल सुविधा नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों के सम्मान, समान अवसर और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
