देश भर में पीएम-एसवाईएम के तहत 54 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत
PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से फरवरी 2019 में शुरू की गई थी। यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इस योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद 3000 रुपये की मासिक सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है। 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के वे श्रमिक जिनकी मासिक आय 15000 रुपये या उससे कम है और जो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ)/कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी)/राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) (केंद्र सरकार द्वारा अंशदानित) के सदस्य नहीं हैं या आयकर दाता नहीं हैं, वे इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं। लाभार्थी की प्रवेश आयु के आधार पर मासिक अंशदान राशि 55 रुपये से 200 रुपये तक होती है। योजना के तहत लाभार्थी द्वारा 50 प्रतिशत मासिक अंशदान देय है और केंद्र सरकार द्वारा समान अंशदान का भुगतान किया जाता है। इस योजना में पंजीकरण कॉमन सर्विस सेंटर्स के माध्यम से किया जाता है, जिनका देशभर में लगभग 4 लाख केंद्रों का नेटवर्क है। पात्र असंगठित श्रमिक www.maandhan.in पोर्टल पर जाकर स्वयं भी पंजीकरण कर सकते हैं।
29 जुलाई 2026 तक देशभर में पीएम-एसवाईएम योजना के तहत 54 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। इस योजना में असंगठित महिला श्रमिकों की भागीदारी 53.1 प्रतिशत है। पीएम-एसवाईएम योजना के तहत देशभर में केंद्र सरकार का 50 प्रतिशत का मैचिंग अंशदान 2,011.01 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, लाभार्थियों को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। चूंकि यह योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी, इसलिए पेंशन का वितरण फरवरी 2039 से पहले शुरू नहीं होगा।
पीएम-एसवाईएम योजना के तहत ग्राहक खाते मुख्य रूप से निर्धारित मासिक अंशदान का भुगतान न करने के कारण निष्क्रिय हो सकते हैं, जो ग्राहक के बैंक खाते में अपर्याप्त शेष राशि, लिंक किए गए बैंक खाते में परिवर्तन या बंद होने, या नियमित अंशदान के संबंध में निरंतर जागरूकता की कमी के कारण हो सकता है।
प्रतिधारण में सुधार, भागीदारी बढ़ाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम निम्नलिखित हैं:
(i) राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आवधिक समीक्षा बैठकें आयोजित करना।
(ii) पीएम-एसवाईएम योजना के तहत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण करने के लिए सीएससी को प्रोत्साहन प्रदान करना।
(iii) स्वैच्छिक निकास, रिवाइवल मॉड्यूल, दावा स्थिति और खाता विवरण जैसी नई सुविधाओं का शुभारंभ।
(iv) निष्क्रिय खातों की रिवाइवल अवधि को एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करना।
(v) ई-श्रम पोर्टल के साथ पीएम-एसवाईएम का टू-वे एकीकरण।
(vi) जागरूकता पैदा करने के लिए एसएमएस अभियान चलाना।
(vii) पीएम-एसवाईएम योजना के तहत पंजीकरण के संबंध में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को संबोधित करना।
(viii) योजना के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए राष्ट्रव्यापी विशेष पंजीकरण अभियान का आयोजन करना।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
