उत्तराखंड: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर महिला संगठनों का भारी बर्षा के बावजूद प्रदर्शन, राजनीतिक दलों को ज्ञापन सौंपा
देहरादून 19 जुलाई 026। महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को शीघ्र लागू करने की मांग को लेकर विभिन्न महिला संगठनों ने रविवार को उत्तराखंड के मुख्य विपक्षी दलों के नेताओं को संयुक्त ज्ञापन सौंपा। जनवादी महिला समिति की महामंत्री दमयन्ती नेगी ने बताया कि आज महिला संगठनों का प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, सपा के केन्द्रीय महामंत्री डॉ. एस.एन. सचान, बसपा के जिलाध्यक्ष के.पी. सिंह, आप की अध्यक्ष दीप्ति रावत और प्रदेश उपाध्यक्ष सुधा पटवाल रेखा सिंह को ज्ञापन दिया।
गौरतलब है कि 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पराजित हो गया था, जो 2029 के चुनावों से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा था । विपक्ष ने इसे परिसीमन से जोड़ने का विरोध किया और इसे “खतरनाक” बताया ।
प्रतिनिधिमंडल में जनवादी महिला समिति की उपाध्यक्ष इन्दु नौडियाल, नुरैशा अंसारी, महिला मंच की निर्मला बिष्ट, मंजू, पूर्व वार काउंसिल अध्यक्ष रजिया बेग, समता की उमा भट्ट, एसएफआई की कनिका, सीआईटीयू महामंत्री लेखराज और जनसंवाद समिति के सतीश धौलाखण्डी शामिल थे ।
दमयन्ती नेगी ने कहा कि अगले चरण में वामपंथी दलों को पत्र दिया जाएगा।
जारीकर्ता
दमयन्ती नेगी
महामंत्री, जनवादी महिला समिति
