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PIB Delhi

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आस-पास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की 134वीं बैठक 06 जुलाई 2026 को हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रवर्तन कार्रवाइयों, निरीक्षणों और अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई। ईटीएफ ने देखा कि आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड ने 14 जून 2026 से 30 जून 2026 तक की 17 दिनों की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान 173 निरीक्षण किए।

कुल 173 निरीक्षणों में से 15 निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) स्थलों पर, 91 औद्योगिक क्षेत्र में और 67 डीजी सेट से संबंधित थे। 62 उल्लंघनों की सूचना मिली, जिनमें 7 निर्माण एवं विध्वंस स्थलों पर, 31 औद्योगिक क्षेत्र में और 24 डीजी सेट से संबंधित थे।

नियमों के उल्लंघन की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर, 4 यूनिट/प्रोजेक्ट को बंद करने, 27 डीजी सेटों को सील करने, अनुपालन के लिए 6 आदेश/निर्देश जारी करने और 17 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा (ईसी) लगाने का प्रस्ताव दिया गया है।

ईटीएफ ने 133वीं ईटीएफ बैठक में लिए गए फैसलों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की और पाया कि संबंधित एजेंसियों ने औद्योगिक क्षेत्र, निर्माण एवं विध्वंस क्षेत्र और डीजी सेट से जुड़े सभी ज़रूरी मामलों पर कार्रवाई कर ली है। अनुपालन सुनिश्चित होने के बाद निर्माण एवं विध्वंस  स्थलों के लिए कुल 7 कार्य बहाली आदेश जारी किए गए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश में 2 और हरियाणा में 5 आदेश शामिल हैं।

06 जुलाई 2026 तक की कुल प्रवर्तन स्थिति की समीक्षा करने पर, ईटीएफ ने पाया कि आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड ने अब तक 27,750 इकाइयों/परियोजनाओं/संस्थाओं का निरीक्षण किया है। इन निरीक्षणों के आधार पर, 1,802 बंद करने के निर्देश जारी किए गए, जिनमें से अनुपालन सुनिश्चित होने के बाद 1,424 कार्य बहाली आदेश जारी किए गए। इसके अलावा, 123 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एपीसीबी)/दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को भेजा गया है, जबकि 255 संस्थाओं के मामले में कार्य बहाली आदेश जारी करने की अभी जांच चल रही है।

आयोग ने एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक मज़बूत प्रवर्तन तंत्र, समय पर अनुपालन की जांच, कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच समन्वय और निर्धारित मानदंडों के सख्ती से पालन करने की आवश्यकता को दोहराया। साथ ही, औद्योगिक उत्सर्जन, डीजी सेट और निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निरीक्षण दक्षता बढ़ाने, जवाबदेही तय करने और प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।


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By udaen

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