उत्तराखंड के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है।
SHABD,Dehradun, June 25,
उत्तराखंड में जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार, 857 से बढ़कर 868 पहुंचा
उत्तराखंड के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी एस.आर.एस. रिपोर्ट के अनुसार जन्म के समय लिंगानुपात में राज्य ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। उत्तराखंड का लिंगानुपात 857 से बढ़कर 868 पहुंच गया है, जो बेटियों के प्रति समाज में बढ़ती सकारात्मक सोच और सरकारी प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल से राज्य में लिंगानुपात में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू किए गए अभियान को उत्तराखंड में प्रभावी ढंग से लागू किया गया। इसके तहत बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही प्रसव पूर्व लिंग जांच पर रोक संबंधी कानूनों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में प्रति एक हजार बालकों पर 810 से 850 बालिकाएं दर्ज होती थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 960 से 970 तक पहुंच रही है। यह बदलाव समाज में बेटियों के प्रति बढ़ते सम्मान और सकारात्मक सोच का संकेत है।
बाइट-रेखा आर्या, महिला एवं बाल विकास मंत्री, उत्तराखंड
