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हैदराबाद में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर पर राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित, 500 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
हैदराबाद के ब्रह्माकुमारीज़ ग्लोबल पीस ऑडिटोरियम में 7 जून 2026 को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) पर केंद्रित राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन सुचिर इंडिया फाउंडेशन और National Institute for the Empowerment of Persons with Intellectual Disabilities (NIEPID) के संयुक्त सहयोग से आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य ऑटिज्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, अभिभावकों को सशक्त बनाना और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद एवं सहयोग को प्रोत्साहित करना था।
सम्मेलन में अभिभावकों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), चिकित्सकों, विशेष शिक्षकों, थेरेपिस्टों और सामाजिक सेवा संगठनों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान, पैनल चर्चाएं, लाइव इंटरैक्टिव सत्र और अनुभव साझा करने के मंच आयोजित किए गए, जिनमें ऑटिज्म से जुड़ी चुनौतियों और समाधानों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित Murali Mohan ने ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समावेशी समाज के निर्माण के लिए जागरूकता, संवेदनशीलता और सामुदायिक सहयोग अत्यंत आवश्यक हैं।
NIEPID के विशेषज्ञों और संकाय सदस्यों ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के विभिन्न पहलुओं पर सत्र प्रस्तुत किए। इनमें प्रारंभिक पहचान (Early Identification), हस्तक्षेप रणनीतियां (Intervention Strategies), शैक्षिक सहायता, पारिवारिक सशक्तिकरण और सामुदायिक समावेशन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
सम्मेलन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार अभिभावकों, पेशेवरों और संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को सीखने, सहयोग और वकालत (Advocacy) का एक प्रभावशाली मंच बनाया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था कि ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्तियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए।
यह सम्मेलन दिव्यांगजन अधिकारों, समावेशी शिक्षा और न्यूरोडायवर्सिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो समाज में ऑटिज्म के प्रति समझ और स्वीकार्यता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
