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नई दिल्ली. पड़ोसी मुल्क भूटान अपनी हैप्पीनेस इंडेक्स के लिए दुनिया भर में मशहूर है। लेकिन अब भारतीय कंपनियों को भी यह खुशी बांट रहा है। देसी बीयर निर्माता कंपनी यूरोपीय देशों से आयात की बजाय भूटान में हिमालय के पानी से प्रीमियम बीयर बना कर अलग बाजार स्थापित कर रही हैं। एल्फा और कटिपतंग ने पिछले कुछ महीनों में मेड इन भूटान बीयर बेचना शुरू किया है। जबकि सिम्बा, आर्बर ब्रवरिंग कंपनी और व्हाइट रिनो विस्तार की संभवानाएं खोज रही हैं। कंपनियों को भूटान में बीयर बनाना यूरोपीय देशों तुलना में अपेक्षाकृत सस्ता पड़ रहा है। यही नहीं भारत में भी बीयर बनाने की तुलना में लागत कम है। हिमालय के प्राकृतिक झरनों की कर रहीं है मार्केटिंग भारत का क्राफ्ट बीयर उद्योग समग्र घरेलू बीयर बाजार का महज 2-3% है। यह ज्यादातर जर्मनी और बेल्जियम की खोज पर निर्भर है। यहां गेहूं से बनी विशेष रूप से हेफेइजन और विटबियर मशहूर है। लेकिन हिमालय के प्राकृतिक झरने का पानी, उनके ब्रांड को अलग करने और प्रीमियम मूल्य देने का फायदा दे रहा है। साथ ही क्राफ्ट बीयर से लेकर लाइसेंस की खरीद तक में भूटान की छूट इन कंपनियों को लुभा रही है।

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यूरोपीय देशों की तुलना में सस्ता है उत्पादन
एल्फा के मालिकाना हक वाले पंजाबबेड मैडमैक्स ब्रूइंग कंपनी के अभिषेक दहिया ने कहा कि भारत में शराब की भठ्ठी स्थापित करना बहुत मुश्किल है क्योंकि यह महंगा है और सरकारी अधिकारियों से लाइसेंस लेना एक मुश्किल है। “चूंकि भूटान एक पड़ोसी है, इसलिए ट्रांसपोर्टेशन की अवधि केवल कुछ घंटों की है। इसकी तुलना में, यूरोप या यूके से शिपमेंट प्राप्त करने में दो महीने लगते हैं। ” दहिया भूटान के पासाखा में स्थित किंजोर ब्रेवरी के साथ व्यापार करने में हो रही आसानी से उत्साहित हैं। इसी वजह से वे जून में बीयर का नया संस्करण लांच कर रहे हैं। साथ ही अगस्त तक हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर-पूर्व में विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।

यह भी पढ़ें : देश में पहली बार मेट्रो और बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी महिलाएं सुपीरियर स्वाद, ट्रांजिट एज भूटानी बीयर बाजार में स्वाद के मामले में भी बेहतर है। इसलिए यहां प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। बोतलबंद क्राफ्ट बीयर ब्रांड कटि पतंग, जिसने सात महीने पहले दिल्ली में अपनी शुरुआत की थी, अब अगले दो महीनों में मुंबई और बेंगलुरु में वितरण का विस्तार करने की योजना है। व्हिस्की निर्माताओं की तरह स्कॉटिश हाइलैंड्स व बीयर ब्रुअर्स अब भूटान की ओर रूख कर रहे हैं। गौरतलब है कि भारत की तुलना में भूटान में अपनी प्राकृतिक स्थिति में पानी उच्च गुणवत्ता वाला है। बीयर के स्वाद को प्रभावित करने में पानी अहम घटक है। कटि पतंग के कोफाउंडर शांतनु उपाध्याय ने यूएस क्राफ्ट बीयर के अग्रणी जिम कोच के साथ मिलकर अपनी व्यवसाय योजना तैयार की है। बोस्टन बीयर कंपनी के मुताबिक वे भारतीय पानी के बजाय समुद्र तल से 10,334 फीट ऊपर स्थित भूटान में इस शराब की भठ्ठी से झरने का पानी प्राप्त करते हैं, जिसे आरओ उपचार और अलग से खनिजों की जरूरत नहीं है।


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By udaen

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