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जनसहयोग से ऐतिहासिक बना कोटद्वार बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल

विधानसभा अध्यक्षा ऋतु खण्डूरी भूषण के आतिथ्य में हुआ भव्य समापन, कोटद्वार को मिला बर्ड वॉचिंग डेस्टिनेशन बनने का नया आयाम

कोटद्वार | 01 फरवरी 2026

जनसहयोग, जनभागीदारी और प्रकृति प्रेम की मिसाल बनते हुए कोटद्वार में आयोजित दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल का 1 फरवरी को भव्य एवं सफल समापन हुआ। 31 जनवरी और 1 फरवरी को आयोजित इस फेस्टिवल ने कोटद्वार को प्रकृति आधारित पर्यटन और जैव विविधता संरक्षण के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दी।

समापन समारोह की मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्षा एवं स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूरी भूषण रहीं। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

लोकसंस्कृति और प्रकृति संरक्षण का सुंदर संगम

समारोह के दौरान जिलाधिकारी द्वारा विधानसभा अध्यक्षा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, लालपानी की छात्राओं ने गढ़वाली लोकभाषा में स्वागत गीत प्रस्तुत कर समूचे आयोजन को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ फोटो पत्रकार एवं बर्डर राजू पुशोला को सम्मानित करते हुए उनके द्वारा खींची गई पक्षियों की दुर्लभ तस्वीरों से तैयार कैलेंडर का विमोचन किया गया। वरिष्ठ बर्डर अजय खंतवाल और राजीव बिष्ट को भी सम्मानित किया गया, जबकि सभी बर्ड वॉचर्स को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

स्टॉलों ने दिखाया स्थानीय हुनर और जैव विविधता

जिलाधिकारी ने फेस्टिवल परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। भारतीय वन्यजीव संस्थान, “हमारा पिरुल हमारी पहचान”, फाइन आर्ट गैलरी सहित अन्य स्टॉलों पर प्रदर्शित सामग्री की उन्होंने सराहना की।
हस्तशिल्प और क्राफ्ट से बने उत्पादों को स्थानीय आजीविका और पारंपरिक कला के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। वहीं दूरबीन से पक्षियों का अवलोकन करते हुए उन्होंने जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

“बर्ड वॉचिंग मानसिक सुकून और रचनात्मकता का माध्यम”

विधानसभा अध्यक्षा ऋतु खण्डूरी भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बर्ड वॉचिंग और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी मानसिक शांति के साथ-साथ प्रकृति से जुड़ने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने बच्चों को कम उम्र से ही प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने पर बल देते हुए कहा कि मानव-वन्यजीव संतुलन ही सतत विकास की कुंजी है।

उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता जताते हुए कहा कि “जितने आवश्यक वन्यजीव हमारे लिए हैं, उतने ही हम उनके लिए भी हैं।” साथ ही देशवासियों को कोटद्वार और आसपास की समृद्ध जैव विविधता से रूबरू होने का आमंत्रण दिया।

कोटद्वार को स्थायी बर्ड वॉचिंग डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में कदम

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्षा, बर्ड वॉचर्स, अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फेस्टिवल से बने सकारात्मक मोमेंटम को बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि भविष्य में सफारी वाहनों की संख्या बढ़ाने और ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि कोटद्वार को एक स्थायी बर्ड वॉचिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सके।

प्रतियोगिताओं में बच्चों ने दिखाया हुनर

फेस्टिवल के दौरान आयोजित मैराथन दौड़, क्विज़, पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विभिन्न आयु वर्गों में विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों और युवाओं में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता और उत्साह देखने को मिला।

भविष्य के लिए मजबूत नींव

प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडौन जीवन मोहन दगाड़े ने आयोजन से जुड़े सभी विभागों, स्वयंसेवकों, बर्ड वॉचर्स और स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से कोटद्वार को व्यापक पहचान मिली है और भविष्य में भी प्रकृति संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों की सहभागिता के साथ यह फेस्टिवल कोटद्वार को प्रकृति पर्यटन के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

कार्यक्रम में पार्षद संजय भंडारी, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी, बर्ड वॉचर और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।



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By udaen

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