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अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने उम्‍मीद केन्‍द्रीय पोर्टल पर सर्वे मॉड्यूल और वक्फ प्रॉपर्टी लीज मॉड्यूल नामक दो अतिरिक्त मॉड्यूल लॉन्च किए

PIB Delhi

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास (उम्‍मीद) केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी, जनहितैषी और जवाबदेह बनाने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत 30 जनवरी 2026 को दो अतिरिक्त मॉड्यूल – सर्वेक्षण मॉड्यूल और वक्फ संपत्ति पट्टा मॉड्यूल लॉन्च किए।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में नए मॉड्यूल्‍स का शुभारंभ किया।

सर्वेक्षण मॉड्यूल इस पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के सर्वेक्षण से संबंधित जानकारी को एकत्रित करने, प्रबंधित करने और अद्यतन करने के लिए एक व्यापक डिजिटल ढांचा प्रदान करता है।

वक्फ संपत्ति पट्टा प्रबंधन मॉड्यूल को पोर्टल के माध्यम से वक्फ संपत्तियों की पट्टा संबंधी जानकारी के संपूर्ण प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मॉड्यूल पट्टा संबंधी जानकारी, पट्टा अवधि, पट्टा राशि और अन्य प्रासंगिक विवरणों को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड करने और उनकी निगरानी करने में सक्षम बनाता है, जिससे वक्फ संपत्तियों के पट्टा में जवाबदेही और निगरानी को मजबूती मिलती है।

यह शुभारंभ वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल शासन विधियों का लाभ उठाने के लिए मंत्रालय के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।

डॉ. चंद्र शेखर कुमार ने सभी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश वक्फ बोर्डों को इन मॉड्यूल के व्यापक कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और पात्र लाभार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है।

अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने 6 जून 2025 को उम्‍मीद केंद्रीय पोर्टल की शुरूआत की थी। यह एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995 के तहत वक्फ संपत्तियों के वास्तविक समय में अपलोड करने, सत्यापन और निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच के रूप में कार्य करता है।

इस पोर्टल का उद्देश्य अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ावा देकर पूरे भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन के तरीके में एक मौलिक बदलाव लाना है।

इसकी प्रमुख विशेषताओं में सभी वक्फ संपत्तियों की जियो-टैगिंग के साथ एक व्यापक डिजिटल सूची का निर्माण, समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक ऑनलाइन शिकायत निवारण तंत्र, पारदर्शी पट्टे और उपयोग ट्रैकिंग, जीआईएस मैपिंग और अन्य ई-गवर्नेंस विधियों के साथ एकीकरण और सत्यापित रिकॉर्ड और रिपोर्ट तक सार्वजनिक पहुंच शामिल हैं।

अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय देश भर में वक्फ संपत्तियों के कुशल प्रबंधन के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य वक्फ बोर्डों के साथ मिलकर काम कर रहा है।


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By udaen

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