कोटद्वार की राजनीति और टैलेंट का सवाल
यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि राजनीति में कोई तय टैलेंट-बेस नहीं होता, और यह सच्चाई कोटद्वार की राजनीति पर भी पूरी तरह लागू होती है। कोटद्वार जैसे सीमांत, सैनिक-बहुल और सामाजिक रूप से विविध शहर में टैलेंट किसी एक वर्ग, परिवार या दल की जागीर नहीं हो सकता। यहाँ हर गली, हर मोहल्ले और हर गाँव में कोई न कोई ऐसा व्यक्ति है, जो जनहित की राजनीति को दिशा दे सकता है।
कोटद्वार की राजनीति का इतिहास बताता है कि यहाँ नेतृत्व अक्सर संगठनों, आंदोलनों, सामाजिक कार्यों और व्यक्तिगत भरोसे से उभरा है—न कि किसी विशेष राजनीतिक प्रशिक्षण या वंशगत विरासत से। यहाँ किसी में बोलने की क्षमता है, कोई जनसमस्याओं को चुपचाप सुनकर समाधान तक पहुँचता है, तो कोई सीमित संसाधनों में भी समाज को जोड़ने का हुनर रखता है। यही कोटद्वार का असली राजनीतिक टैलेंट है।
लेकिन विडंबना यह है कि समय के साथ कोटद्वार की राजनीति में भी टैलेंट की पहचान का स्थान समीकरणों ने ले लिया है—पार्टी निष्ठा, गुटबाजी, टिकट प्रबंधन और चुनावी गणित। इसका नतीजा यह हुआ कि जो लोग जमीन पर काम करते हैं, वे अक्सर निर्णय प्रक्रिया से बाहर रह जाते हैं, और राजनीति आम नागरिक की आवाज़ बनने के बजाय कुछ चेहरों तक सीमित हो जाती है।
कोटद्वार की सबसे बड़ी ताकत उसका सजग नागरिक समाज है—सेवानिवृत्त सैनिक, कर्मचारी, शिक्षक, व्यापारी, युवा और महिलाएँ। इनमें से हर वर्ग के पास अनुभव है, दृष्टि है और शहर के लिए सोचने की क्षमता है। यदि राजनीति वास्तव में लोकतांत्रिक है, तो उसे इस टैलेंट को केवल वोट तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि नीति, योजना और नेतृत्व में स्थान देना चाहिए।
यह मानना भी ज़रूरी है कि कोटद्वार को “परफेक्ट नेता” नहीं, बल्कि जवाबदेह और संवेदनशील प्रतिनिधि चाहिए। राजनीति यहाँ किसी ऊँचे मंच की नहीं, बल्कि जल, सड़क, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी नियोजन जैसे रोज़मर्रा के सवालों की है। इन सवालों को वही बेहतर समझ सकता है, जो इसी शहर की ज़मीन से जुड़ा हो।
अंततः, कोटद्वार की राजनीति का भविष्य इसी बात पर निर्भर करता है कि वह टैलेंट को पहचानने और आगे लाने की हिम्मत करती है या नहीं। क्योंकि जब हर व्यक्ति में कोई न कोई क्षमता है, तो लोकतंत्र की असली परीक्षा यही है कि क्या वह उस क्षमता को सत्ता तक पहुँचने का रास्ता देता है—या फिर उसे दरवाज़े के बाहर ही छोड़ देता है।
