Spread the love

संपादकीय
अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक: Lt. Col. C. द्वारकेश

भारतीय सशस्त्र बलों का इतिहास साहस, त्याग और तपस्या की अनगिनत कहानियों से भरा है, पर Lt. Col. सी. द्वारकेश की गाथा इन सबके बीच एक अलग उजाला बिखेरती है। यह कहानी केवल एक सैनिक की नहीं, बल्कि उस मानवीय इच्छाशक्ति की है जो परिस्थितियों से नहीं, अपने संकल्प से परिचित होती है।

कार्यस्थल पर एक हादसे में दृष्टि पूरी तरह खो देने के बाद सामान्यतः जीवन की दिशा बदल जाती है—लेकिन द्वारकेश ने हार मानना स्वीकार नहीं किया। वे भारतीय सशस्त्र बलों के पहले ऐसे अधिकारी बने जिन्होंने पूर्ण दृष्टिहीनता के बावजूद सक्रिय सेवा जारी रखी। यह न केवल सैन्य व्यवस्था की समावेशी क्षमता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि नई तकनीक—विशेषकर AI और सहायक साधन—मनुष्य की क्षमताओं को कैसे विस्तार दे सकते हैं।

यह भी महत्वपूर्ण है कि द्वारकेश की कहानी केवल कर्तव्यपालन तक सीमित नहीं है। वे राष्ट्रीय पैरा-एथलीट, स्विमिंग और शूटिंग के मल्टीपल गोल्ड मेडलिस्ट, तथा 10 मीटर एयर राइफल में विश्व रैंक 3 पर हैं। यह उपलब्धि उस व्यक्ति की है जिसकी दृष्टि भले चली गई, पर लक्ष्य साधने की क्षमता और मनोबल उससे कहीं अधिक पैना हुआ।

इसी जज़्बे का एक और अध्याय उनकी 16,000 फीट पर सियाचिन ग्लेशियर की चढ़ाई है—ऐसा कारनामा जिसे माननीय प्रधानमंत्री ने भी विशेष रूप से सराहा। ऊँचाई, ठंड और कठिन भूभाग—इन सबको मात देकर द्वारकेश ने साबित किया कि बाधाएँ शरीर पर होती हैं, मन पर नहीं।

2025 में उन्हें “सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन” राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार केवल उनके साहस का सम्मान नहीं, बल्कि उस विचार का भी अभिनंदन है जो बताता है कि समर्थ भारत सिर्फ नीतियों से नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तियों से बनता है जो हर सीमा को चुनौती देते हैं।

Lt. Col. द्वारकेश की यात्रा हमें याद दिलाती है कि राष्ट्र निर्माण केवल हथियारों से नहीं, बल्कि उन अदृश्य शक्तियों से होता है जो आत्मविश्वास, दृढ़ता और कर्तव्यनिष्ठा में निहित हैं। वे उन लाखों नागरिकों के लिए प्रेरणा हैं जो किसी भी कठिनाई के बावजूद अपने सपनों से समझौता करने को तैयार नहीं।

उनकी यह कहानी आज के भारत की उस जीवंत ऊर्जा का प्रतिबिंब है, जिसमें हर व्यक्ति—चाहे किसी भी परिस्थिति में हो—अपनी क्षमता से आगे बढ़कर देश का गौरव बन सकता है।


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *