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प्रदेश के सभी 12,543 मतदान केंद्रों का होगा स्थलीय निरीक्षण; मतदाता सूची की त्रुटियां सुधारने के लिए 10 दिन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान-2027 (SSR) की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर अभियान की तैयारियों और ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के सभी 12,543 मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने और मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की त्रुटियां दूर करने के निर्देश दिए।

जर्जर मतदान केंद्रों की होगी जांच

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी मतदान केंद्रों की स्थिति का आकलन किया जाए। जिन केंद्रों के भवन जर्जर हैं, उन्हें नियमानुसार आसपास के सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अपनाई जाए। मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदाताओं को मतदान के दौरान परेशानी न हो।

मतदाता सूची की जांच के लिए 10 दिन का विशेष अभियान

बैठक में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आगामी 10 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर मतदाता सूची का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान मतदाताओं के नाम, आयु, संबंध और संबंधित परिजन के नाम जैसे विवरणों की दोबारा जांच की जाएगी।

यदि किसी मतदाता के विवरण में कमी या त्रुटि पाई जाती है, तो आवश्यक सुधार के लिए फॉर्म-8 भरवाया जाएगा।

इस तारीख से इस तारीख तक चलेगा पुनरीक्षण अभियान

निर्वाचन विभाग के अनुसार, 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान संचालित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • 12 नवंबर 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।
  • 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
  • 28 दिसंबर 2026 तक: दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण।
  • 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।

फॉर्म-7 जमा करने की सीमा भी निर्धारित

बैठक में राजनीतिक दलों को फॉर्म-7 से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई। निर्धारित नियमों के अनुसार, दावे एवं आपत्तियों की पूरी अवधि के दौरान कोई मतदाता आपत्तिकर्ता के रूप में अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। वहीं, मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि में कोई व्यक्तिगत मतदाता प्रति माह अधिकतम पांच फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

फॉर्म-7 का उपयोग मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति या नाम हटाने के अनुरोध के लिए किया जाता है। ऐसे आवेदनों पर नियमानुसार जांच और सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

अधिकारियों को समयबद्ध तैयारी के निर्देश

वीडियो कॉन्फ्रेंस में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उपस्थित रहे।

निर्वाचन विभाग की तैयारियों का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना, मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करना और निर्धारित समयसीमा के भीतर पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी करना है। मतदाताओं को भी सलाह है कि वे अपनी प्रविष्टियों की जांच करें और किसी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुधार के लिए आवेदन करें।


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By udaen

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