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भारत ने वेव्स 2025 में वैश्विक रचनात्मक सभा की मेजबानी की; उद्योग और टेक दिग्‍गजों के साथ 140 से अधिक सत्र आयोजित किए गए
वेव्स 2025 ने 3,000 से अधिक बी2बी बैठकों की सुविधा प्रदान की; पटकथा, संगीत और ऑडियो-विजुअल अधिकारों के बाजार को बढ़ावा दिया

विश्व श्रव्य-दृश्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 का आयोजन प्रधानमंत्री के भारत को सामग्री निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के विजन के अनुरूप किया गया था। इसने रचनाकारों, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के दिग्गजों, मीडिया प्लेटफॉर्मों और प्रौद्योगिकी अग्रदूतों को एक मंच पर एक साथ लाया।

वेव्स ने भारतीय रचनाकारों को नई प्रौद्योगिकियों, निवेशकों, उत्पादकों और खरीदारों से जुड़ने के लिए एक मंच प्रदान किया। इसमें 100 से अधिक देशों के एक लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में 140 से अधिक सत्र शामिल थे, जिनमें 50 पूर्ण सत्र, 35 मास्टरक्लास और 55 ब्रेकआउट सत्र शामिल थे, जिसमें वैश्विक उद्योग जगत के दिग्गजों ने भी भाग लिया।

वेव्स 2025 की मुख्य विशेषताएं:

  • वैश्विक मीडिया संवाद: सरकारी और निजी क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों ने मीडिया एवं मनोरंजन की बदलती भूमिका पर चर्चा की। वेव्‍स घोषणा-पत्र को अपनाया गया, जिसमें शांति और डिजिटल समावेशन के लिए मीडिया को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया।
  • वेव्‍स X: मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र में स्टार्टअप-आधारित नवाचार के लिए मंच। इसमें दो दिवसीय लाइव पिचिंग कार्यक्रम शामिल था, जिसमें स्टार्टअप्स ने निवेशकों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए।
  • वेव्‍स बाज़ार: पटकथा, संगीत, कॉमिक्स और ऑडियो-विजुअल अधिकारों के लिए बाज़ार के रूप में कार्य करते हुए 3 हज़ार से अधिक बिजनेस टू बिजनेस बैठकों को संभव बनाया गया, जिससे नए राजस्व स्रोत का सृजन हुआ।
  • आर्थिक और रणनीतिक परिणाम : फिल्म सिटी, रचनात्मक टेक शिक्षा और लाइव मनोरंजन बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए 8 हज़ार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
  • क्रिएट इन इंडिया चैलेंज (सीआईसी) : एनीमेशन, गेमिंग, एआर/वीआर और संगीत जैसी 34 रचनात्मक श्रेणियों में एक राष्ट्रव्यापी अगली पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभा खोज। इसने दुनिया भर के रचनाकारों से एक लाख से अधिक पंजीकरण आकर्षित किए।
  • क्रिएटोस्फीयर: भारत की अगली पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभा को उजागर करने के लिए मास्टरक्लास, प्रतियोगिताएं और लाइव शोकेस आयोजित किए गए।
  • भारत मंडपम : इसने भारत की कहानी कहने की विरासत में एक गहन अनुभव प्रदान करके भारत के सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक नेतृत्व को विश्‍व स्‍तर पर प्रस्‍तुत किया।
  • 8वां राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो सम्मेलन: सामुदायिक प्रसारण में नवाचार और समावेशिता के लिए 12 स्टेशनों को राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो पुरस्कार प्राप्त हुए।

सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने यह जानकारी आज लोकसभा में साझा की।


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By udaen

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