“धरोहर-2.0”: लोक परंपराओं की अलौकिक संध्या में डूबा देहरादून
स्थान: परेड ग्राउंड, देहरादून
तिथि: रविवार
रविवार की संध्या देहरादून के प्रतिष्ठित परेड ग्राउंड में ‘धरोहर-2.0’ मेला सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो उठा, जब उत्तराखंड की लोक-संस्कृति को समर्पित हंसा नृत्य नाट्य कला मंच ने मंच संभाला। त्रिजुगी नारायण की लोकगाथा के गीतों से आरंभ हुई इस संगीतमयी शाम में दर्शकों ने पहाड़ की आत्मा को थिरकते देखा।
इंदु भट्ट ममगई की अगुवाई में मंचित कार्यक्रमों ने लोकनाट्य, लोकगीत और पारंपरिक नृत्यों की त्रिवेणी प्रस्तुत की। कलाकारों — दुर्गा सागर, विपिन राणा, नील, अनिल, मेडी, संजू, श्वेता, निहारिका, दिव्य, किरण, तथा गोवित, अजीत, बीरेंद्र शर्मा — ने “मेरी मई रामदाई होटल”, “घास कतलू”, “वीरू भादू”, “छपेली” जैसे गीतों व नृत्यों से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

सांस्कृतिक विरासत के इस उत्सव में आधुनिकता का रंग भरते हुए ध्वनि म्यूजिकल ग्रुप और प्रति रावत ग्रुप के कलाकारों शिखर और अन्य साथियों ने बॉलीवुड गीतों की शानदार प्रस्तुति दी, जिससे कार्यक्रम में विविधता और उत्साह की लहर दौड़ गई।
इमेज इवेंट्स के प्रबंध निदेशक सुनील रावत ने बताया कि इस आयोजन को उनकी टीम के सदस्यों — सुभाष डिमरी, नेहा पंवार, धनंजय, वंदना, दिनेश, पंकज — के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उन्होंने घोषणा की कि ‘धरोहर-2.0’ मेला को दो दिन और बढ़ाया गया है, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इस अनुभव का लाभ उठा सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में धरोहर को उत्तराखंड के अन्य बड़े शहरों में भी ले जाया जाएगा, जिससे राज्य के कोने-कोने तक लोकसंस्कृति की खुशबू फैलाई जा सके।
हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र, जैविक उत्पादों और पहाड़ी व्यंजनों से सजे स्टॉलों पर दिनभर दर्शकों की भीड़ रही, जो खरीदारी के साथ-साथ लोकसंस्कृति की छांव में आनंद लेती रही।
📣 “धरोहर-2.0: परंपरा का उत्सव, भविष्य की झलक!”
🎟 देहरादून वासियों से अनुरोध है कि वे इस सांस्कृतिक यात्रा में सहभागी बनें और अपने उत्तराखंड की समृद्ध परंपराओं का उत्सव मनाएं।
जारीकर्ता:
प्रेस विभाग, इमेज इवेंट्स
📍 देहरादून
📞 संपर्क: [सुनील रावत]
📧 ईमेल: [imageevent@gmail.com]
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