Spread the love

भूतपूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर

सरकार ने वर्तमान नियमों के अनुसार देश में भूतपूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त पेंशन और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए हैं। वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना का उद्देश्य समान सेवा अवधि के साथ समान रैंक पर सेवानिवृत्त होने वाले वर्तमान और पूर्व पेंशनभोगियों की पेंशन दरों के बीच के अंतर को कम करना है। भूतपूर्व सैनिकों को रोजगार के लिए उनकी मांग के आधार पर सरकारी संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, कॉर्पोरेट घरानों, निजी क्षेत्र, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों आदि में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न पुनर्वास/कौशल विकास प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, रोजगार और स्वरोजगार योजनाएं भी शुरू की जा रही हैं।

केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए ग्रुप ‘सी’ में 14.5 प्रतिशत  रिक्तियां और ग्रुप ‘डी’ में 24.5 प्रतिशत रिक्तियां आरक्षित हैं।

केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण में विकलांग भूतपूर्व सैनिकों और युद्ध में शहीद हुए सैन्यकर्मियों के आश्रितों के लिए 4.5 प्रतिशत रिक्तियां शामिल हैं।

भारतीय सेना के अधिकारी चयन में भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं और युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के बच्चों/आश्रितों के लिए रिक्तियां आरक्षित हैं। महिलाओं के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन में 5 प्रतिशत रिक्तियां उन रक्षा कर्मियों की विधवाओं को प्रदान की जाती हैं, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई है। विधवाओं/भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों को संबंधित रेजिमेंटल केंद्रों द्वारा नामांकित किया जा रहा है और उन्हें अग्निपथ योजना और नियमित कैडर के अंतर्गत भर्ती के लिए ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस परीक्षा में बोनस अंक दिए जाते हैं।

सैन्य सेवा के कारण सेवा में शहीद सैनिकों के मामले में, विशेष पारिवारिक पेंशन या उदारीकृत पारिवारिक पेंशन स्वीकृत की गई है। अनुग्रह राशि/ग्रेच्युटी भी स्वीकृत की गई है। यह काम समयबद्ध तरीके से किया गया है।

देश में राज्य/केन्द्र शासित क्षेत्र-वार कुल भूतपूर्व सैनिकों की संख्या इस प्रकार है:

31 दिसंबर 2023 तक भूतपूर्व सैनिकों की आंकड़ा
क्रम सं.राज्य/केन्द्र शासित क्षेत्रसेनानौसेनावायु सेनाकुल
1.आंध्र प्रदेश63,5746,6657,67377,912
2.अरुणाचल प्रदेश98051986
3.असम38,3169142,73241,962
4.बिहार100,84915,74616,931133,526
5.छत्तीसगढ6,7463344117,491
6.गोवा1,1131,0302022,345
7.गुजरात27,3151,1415,01933,475
 हरियाणा154,1539,25812,226175,637
9.हिमाचल प्रदेश121,6374,3432,596128,576
10.झारखंड25,6801,6662,74730,093
11।कर्नाटक78,5793,08912,33594,003
12.केरल143,29614,50623,734181,536
13.मध्य प्रदेश53,3441,5662,11857,028
14.महाराष्ट्र167,78815,53313,166196,487
15.मणिपुर8,3971501978,744
16.मेघालय2,83056862,972
17.मिजोरम5,39451615,506
18.नगालैंड3,22145243,290
19.ओडिशा40,0674,3837,88752,337
20.पंजाब335,3289,76714,369359,464
21.राजस्थान193,8258,2647,434209,523
22.सिक्किम1,00063121,075
23.तमिलनाडु104,5334,01511,975120,523
24.तेलंगाना19,4551,5327,21328,200
25.त्रिपुरा2,357431282,528
26.उत्तर प्रदेश349,88029,53441,731421,145
27.उत्तराखंड132,5763,4703,315139,361
28.पश्चिम बंगाल83,5425,90614,745104,193
29.अंडमान एवं निकोबार (यूटी)8031781001,081
30.चंडीगढ़ (यूटी)6,1894582,5139,160
31.दिल्ली(यूटी)46,8315,74810,76663,345
32.जम्मू-कश्मीर (यूटी)74,94078989576,624
33.लेह और लद्दाख (यूटी)6,31311306,354
34.पुदुचेरी (यूटी)1,8641344712,469
 कुल2,402,715150,393225,8432,778,951

रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने आज लोकसभा में श्री देवेश शाक्य को यह जानकारी एक लिखित उत्तर में दी।


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *