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संसदीय प्रश्न: जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्यों का लक्ष्य और प्राप्त शिकायतें

देश भर में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल जल की आपूर्ति का प्रावधान करने के लिए, भारत सरकार राज्यों की भागीदारी में अगस्त, 2019 से जल जीवन मिशन (जेजेएम)- हर घर जल कार्यान्वित कर रही है।

मिशन की शुरुआत में, केवल 3.23 करोड़ (16.7%) ग्रामीण परिवारों के पास नल जल कनेक्शन होने की सूचना थी। अब तक, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा सूचित किए गए अनुसार, 12.03.2025 तक, जल जीवन मिशन (जेजेएम) हर घर जल के तहत लगभग 12.29 करोड़ और ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इस प्रकार, 12.03.2025 तक, देश के 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15.52 करोड़ (80.15%) से अधिक परिवारों को उनके घरों में नल जल आपूर्ति होने की सूचना है और शेष 3.84 करोड़ परिवारों के लिए संबंधित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की कार्यपरिपूर्णता योजना के अनुसार निर्माण कार्य पूरा होने के विभिन्न चरणों में हैं। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार ब्यौरा अनुबंध में दिया गया है। इसके अलावा, माननीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण 2025-26 के दौरान जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने की घोषणा की है।

(ग): राज्यों ने सूचित किया है कि जल की कमी, सूखा प्रवण और मरुभूमि क्षेत्रों में भरोसेमंद पेयजल स्रोतों की कमी, भूजल में भू-जनित संदूषकों की मौजूदगी, विषम भौगोलिक भू-भाग, अलग-थलग बसी हुई ग्रामीण बसावटें, कुछ राज्यों में समतुल्य राज्य अंश जारी करने में विलंब, कार्यान्वयन एजेंसियों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों के पास जल आपूर्ति योजनाओं की आयोजना, प्रबंधन, संचालन और रखरखाव के लिए तकनीकी क्षमता की कमी, कच्चे माल की बढ़ती कीमत, सांविधिक/अन्य मंजूरी प्राप्त करने में विलंब आदि मिशन के कार्यान्वयन में आने वाली कुछेक समस्याएं हैं।

भारत सरकार ने चुनौतियों का समग्र रूप से सामना करने और इन पर काबू पाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ पूंजीगत निवेश परियोजनाओं के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता हेतु वित्त मंत्रालय के माध्यम से पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को विशेष सहायता का कार्यान्वयन; सांविधिक/अन्य मंजूरी प्राप्त करने में राज्यों को सुविधा प्रदान करने के लिए केन्द्रीय नोडल मंत्रालयों/विभागों/एजेंसियों के साथ समन्वय करने के लिए विभाग में एक नोडल अधिकारी को नामित किया जाना, कार्यक्रम प्रबंधन हेतु तकनीकी कौशल योग्यताओं और मानव संसाधन उपलब्धता अंतराल को कम करने के लिए ग्राम स्तर पर कुशल स्थानीय व्यक्तियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (एसपीएमयू) और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) की स्थापना और “नल जल मित्र कार्यक्रम” का कार्यान्वयन शामिल हैं।

मिशन के तहत, राज्यों को मनरेगा, समेकित वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम (आईडब्ल्यूएमपी), ग्रामीण स्थानीय निकायों/पंचायती राज संस्थाओं को 15वें वित्त आयोग के सशर्त अनुदान, राज्य योजनाओं, सीएसआर निधियों आदि जैसी अन्य योजनाओं के सामंजस्य में स्रोत पुनर्भरण अर्थात् समर्पित बोरवेल पुनर्भरण संरचनाओं, वर्षा जल पुनर्भरण, मौजूदा जल निकायों का कायाकल्प, ग्रेवाटर के पुनः उपयोग, आदि की सलाह दी गई है।

इसके अलावा, जन भागीदारी के साथ जमीनी स्तर पर जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जल शक्ति अभियानः कैच द रेन (जेएसएः सीटीआर) अभियान को वर्ष 2019 में देश के 256 जल संकट वाले जिलों में शुरू किया गया था। इसके अतिरिक्त, विशेष रूप से पेयजल उपलब्धता के लिए स्थायी जल प्रबंधन के महत्व को स्वीकार करते हुए, जेएसएः सीटीआर को वर्ष 2023 में “पेयजल के लिए स्रोत स्थिरता” विषय के साथ लागू किया गया था। इसी तरह, वर्ष 2024 में, जेएसए को 09.03.2024 से 30.11.2024 “नारी शक्ति से जल शक्ति” विषय के साथ लागू किया गया था, जिसमें जल संरक्षण के क्षेत्र में महिलाओं द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया है।

(घ): जल राज्य का विषय होने के कारण, राज्यों को पेयजल आपूर्ति स्कीमों की आयोजना, डिजाइन, अनुमोदन, कार्यान्वयन और संचालन एवं रखरखाव के लिए शक्तियां प्रदान की गई हैं। केन्द्रीयकृत लोक शिकायत निवारण एवं अनुवीक्षण प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस- https://pgportal.gov.in/) तथा विभाग की वेबसाइट (https://jalshakti-ddws.gov.in/) तथा अन्य भौतिक माध्यमों के माध्यम से केन्द्र स्तर पर प्राप्त प्रश्नों/शिकायतों का समय पर निवारण करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों के जलापूर्ति विभाग को अंतरित कर दिया जाता है।

अनुलग्नक

जेजेएम: 12.03.2025 तक ग्रामीण घरों में नल जल कनेक्शन की राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार स्थिति

(संख्या लाख में)

क्र. सं.राज्य/संघ राज्य क्षेत्रकुल ग्रामीण परिवार15.8.2019 तक नल जल आपूर्ति वाले ग्रामीण परिवारआज की तिथि तक नल जल कनेक्शन वाले ग्रामीण परिवारग्रामीण परिवारों को अभी तक नहीं मिला नल जल कनेक्शन
संख्या%संख्या%संख्या%
1.अंडमान और निकोबार द्वीप समूह0.620.2946.020.62100.00
2.अरुणाचल प्रदेश2.290.239.972.29100.00
3.दादरा और नगर हवेली0.850.000.000.85100.00
4.गोवा2.641.9975.442.64100.00
5.गुजरात91.1865.1671.4691.18100.00
6.हरयाणा30.4117.6658.0830.41100.00
7.हिमाचल प्रदेश17.097.6344.6417.09100.00
8.मिजोरम1.330.096.911.33100.00
9.पुदुचेरी1.150.9481.331.15100.00
10.पंजाब34.2716.7948.9834.27100.00
11।तेलंगाना53.9815.6829.0553.98100.00
13.उत्तराखंड14.501.308.9914.1297.380.382.62
14.लद्दाख0.410.013.480.3996.540.013.46
12.बिहार167.553.161.89160.3695.717.194.29
15.नगालैंड3.640.143.823.3792.760.267.24
16.लक्षद्वीप0.13 0.000.1291.410.018.59
17.सिक्किम1.330.7052.961.2191.000.129.00
18.महाराष्ट्र146.8048.4433.00130.3688.8016.4411.20
20.उत्तर प्रदेश267.225.161.93236.7888.6130.4411.39
19.तमिलनाडु125.2821.7617.37110.8588.4814.4311.52
21.त्रिपुरा7.510.253.266.4085.301.1014.70
27.कर्नाटक101.3224.5124.1984.9283.8116.4016.19
24.मेघालय6.510.050.705.3381.921.1818.08
23.असम72.251.111.5458.8481.4413.4118.56
22.जम्मू और कश्मीर19.225.7529.9315.5981.123.6318.88
26.छत्तीसगढ50.023.206.3940.3380.639.6919.37
25.मणिपुर4.520.265.743.5979.590.9220.41
28.ओडिशा88.693.113.5067.8976.5420.8123.46
29.आंध्र प्र.95.5330.7432.1870.5173.8125.0226.19
30.मध्य प्रदेश111.8213.5312.1076.1368.0935.6831.91
33.राजस्थान107.7511.7410.9060.1155.7947.6444.21
34.पश्चिम बंगाल175.562.151.2296.4354.9379.1345.07
31.झारखंड62.563.455.5234.2554.7528.3145.25
32.केरल70.7716.6423.5138.4854.3832.2945.62
 कुल19,36.703,23.6316.7115,52.1980.153,84.5119.85

स्रोत: जेजेएम – आईएमआईएस एचएच: परिवार


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By udaen

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