राष्ट्रीय सहकारिता नीति की स्थिति
नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति के निर्माण की परिकल्पना सहकारिता मंत्रालय के अधिदेश – “सहकार से समृद्धि” को पूरा करने के लिए की गई है। एक राष्ट्रीय स्तर की समिति का गठन 02.09.2022 को श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु के अंतर्गत किया गया, जिसमें सहकारी क्षेत्र के विशेषज्ञ, राष्ट्रीय/राज्य/जिला/प्राथमिक स्तर की सहकारी समितियों के प्रतिनिधि, सचिव (सहकारी) और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के रजिस्ट्रार और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के अधिकारी शामिल थे। जिसका उद्देश्य सहकारी क्षेत्र की वास्तविक क्षमता को अनलॉक करने के लिए नई सहकारिता नीति का निर्माण करना था। समिति ने हितधारकों से सुझाव प्राप्त करने के लिए 17 बैठकें आयोजित कीं और पूरे देश में चार क्षेत्रीय कार्यशालाओं का आयोजित किया। प्राप्त सुझावों को मसौदा नीति में उचित रूप से शामिल किया गया है। मसौदा नीति तैयार की जा चुकी है और अंतिम रूप प्रदान किया जा रहा है।
(आंकड़े करोड़ में)
| क्रम सं. | योजना का नाम | बजट आवंटन (वित्त वर्ष 24-25) | संशोधित अनुमान (वित्त वर्ष 24-25) | 05.03.2025 तक उपयोग/व्यय |
| केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाएं | ||||
| 1 | 4008- प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण | 500.00 | 131.00 | 113.63 |
| 2 | 4220- आईटी हस्तक्षेप के माध्यम से सहकारिता को मजबूत करना | 88.96 | 25.00 | 15.87 |
| केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएं | ||||
| 1 | 4201- सहकारी चीनी मिलों को मजबूत करने के लिए एनसीडीसी को अनुदान सहायता (सीएमएस) | 500.00 | 500.00 | 500.00 |
| कुल | 1088.96 | 656.00 | 629.50 | |
यह जानकारी सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
