आखिर क्यों निशाना बनाए जा रहे हैं पत्रकार?
- महिला पत्रकार के साथ अभद्रता की घटना पर जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) ने जताई चिंता
नई दिल्ली। गैर मान्यताप्राप्त पत्रकारों के संगठन जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. अनुराग सक्सेना ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ कथित अभद्रता की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

डाॅ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले पत्रकार लगातार विभिन्न परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, लेकिन कई बार उन्हें कवरेज के दौरान अभद्र व्यवहार, हमले, धमकियों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए भी गंभीर चुनौती हैं।
उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकारों से मांग की कि पत्रकारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा पत्रकारों के साथ होने वाली हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही लंबे समय से लंबित पत्रकार सुरक्षा कानून के विधेयक को अविलंब मंजूरी देकर प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि देशभर के पत्रकार निर्भय होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
डाॅ. सक्सेना ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल पत्रकारों का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा विषय है। यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं होंगे तो निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता भी प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से इस विषय पर गंभीर और ठोस कदम उठाने की अपील की।
