
देहरादून स्थित दरबार साहिब का ऐतिहासिक झंडा मेला सोमवार से शुरू हो गया है। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण 95 फीट के झंडे जी का आरोहण रहा।…
343 साल पुराने झंडेजी मेले का इतिहास देहरादून के अस्तित्व से जुड़ा है। श्री गुरु राम राय जी का पदार्पण (देहरादून आगमन) यहां सन् 1676 में हुआ था। तब गुरु महाराज ने श्री दरबार साहिब में लोक कल्याण के लिए विशाल झंडा लगाकर लोगों को इसी ध्वज से आशीर्वाद प्राप्त करने का संदेश दिया था। इसी के साथ श्री झंडा साहिब के दर्शन की परंपरा शुरू हो गई।सुबह करीब आठ बजे झंडे जी को उतारने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद झंडेजी का दूध, दही, घी, गंगाजल, पंचगव्य से स्नान कराया गया। पूजा-अर्चना के बाद गिलाफ चढ़ाना शुरू किया गया। 41 सादे गिलाफ, 21 सनील के गिलाफ और अंत में पंजाब के होशियारपुर जिले के केसर सिंह के पुत्र ने दर्शनी गिलाफ चढ़ाया। उनके पिता ने करीब 104 साल पहले दर्शनी गिलाफ चढ़ाने के लिए बुकिंग कराई थी। दर्शनी गिलाफ को छूने को हर कोई श्रद्धालु आतुर था।
