स्वदेश दर्शन एवं सतत पर्यटन योजना के अंतर्गत परियोजनाएं
पर्यटन मंत्रालय ने अपनी स्वदेश दर्शन योजना की शुरुआत 2014-15 में की और इस योजना के अतर्गत कुल 5287.90 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न चिन्हित विषयगत सर्किट के तहत देश भर में 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी। मंत्रालय ने देश में स्थायी एवं जिम्मेदार पर्यटन स्थलों को विकसित करने के उद्देश्य से स्वदेश दर्शन योजना को स्वदेश दर्शन 2.0 के रूप में नए सिरे से पुनर्गठित किया और 791.25 करोड़ रुपये की लागत से 34 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
इस योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं को संबंधित राज्य सरकारों/केन्द्र-शासित प्रदेशों के प्रशासनों के परामर्श से और उनकी ओर से परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त होने पर, योजना के दिशानिर्देशों, समय-समय पर सरकार द्वारा जारी निर्देशों, धन की उपलब्धता, परस्पर प्राथमिकता आदि के अनुपालन के अधीन मंजूरी देने पर विचार किया जाता है। इसके अलावा, पर्यटन मंत्रालय कम ज्ञात स्थलों पर स्वीकृत परियोजनाओं सहित सभी स्वीकृत परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न स्तरों पर राज्य सरकारों के साथ नियमित रूप से समीक्षा बैठकें करता है।
पर्यटन मंत्रालय ‘अतुल्य भारत’ की ब्रांड लाइन के तहत समग्र तरीके से घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कम ज्ञात स्थलों सहित देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों व उत्पादों को बढ़ावा देता है। इस तरह के प्रचार अभियान सोशल मीडिया पोस्ट, प्रचार संबंधी वेबसाइट, विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन, पर्यटन से संबंधित मेलों व महोत्सवों को समर्थन देने, रोड शो में भागीदारी आदि जैसे वर्तमान में जारी विभिन्न पहलों के माध्यम से चलाए जाते हैं।
यह जानकारी केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
