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उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय

azadi ka amrit mahotsav

केंद्र सरकार ने विधिक मापविज्ञान (पैकेज में रखी गई वस्तुएं) नियम, 2011 के अंतर्गत लेबलिंग प्रावधानों में संशोधन के अनुपालन के लिए संरचित समय-सीमा की घोषणा की


यह निर्णय उपभोक्ता कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही कारोबार को आसान बनाने और अनुपालन बोझ को कम करना भी सुनिश्चित करता है

यह निर्णय विधिक मापविज्ञान अधिनियम के अंतर्गत लेबलिंग संशोधनों के अनुपालन के लिए सुचारू बदलाव सुनिश्चित करेगानियमों के अंतर्गत लेबलिंग प्रावधानों से संबंधित संशोधनों के लिए लागू करने की तिथि 180 दिन की सूचना के साथ किसी दिए गए वर्ष की जनवरी या जुलाई होगी।इन संशोधनों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ानाउत्पाद संबंधी जानकारी में सटीकता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को सूचित खरीद निर्णय लेने में सशक्त बनाना है

भारत सरकार ने विधिक मापविज्ञान (पैकेज में रखी गई वस्तुएं) नियम, 2011 में संशोधनों को लागू करने के लिए एक संशोधित समय-सीमा पेश की है। सुचारू कार्यान्वयन की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया है कि लेबलिंग प्रावधानों में कोई भी संशोधन अधिसूचना की तारीख से 180 दिनों की न्यूनतम परिवर्तन अवधि के अधीन 1 जनवरी या 1 जुलाई को लागू होगा। यह दृष्टिकोण व्यवसायों को परिवर्तनों के अनुकूल होने के लिए पर्याप्त समय प्रदान करता है।

यह निर्णय व्यापार में आसानी सुनिश्चित करने और व्यवसायों के लिए अनुपालन बोझ को कम करने के साथ-साथ उपभोक्ता कल्याण के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

असाधारण या अपवाद की स्थितियों में, संशोधनों के कार्यान्वयन के संबंध में निर्णय मामला-दर-मामला आधार पर लिए जा सकते हैं, जिससे जनहित से समझौता किए बिना समयबद्ध और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित हो सके।

विधिक मापविज्ञान (पैकेज में रखी गई वस्तुएं) (संशोधन) नियम, 2011 व्यापार और वाणिज्य में निष्पक्षता, पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियम पैकेज्ड वस्तुओं पर स्पष्ट, सुपाठ्य और मानकीकृत लेबलिंग को अनिवार्य बनाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को शुद्ध मात्रा, एमआरपी, निर्माण की तारीख, मूल देश और निर्माता विवरण आदि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंच सुनिश्चित होती है। नियम उपभोक्ताओं को सूचित खरीद निर्णय लेने के लिए सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं और इस प्रकार व्यापार और वाणिज्य में विश्वास की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।

ये नियम उपभोक्ता हितों को व्यावसायिक आवश्यकताओं के साथ संतुलित करते हैं तथा विवादों और कानूनी अनिश्चितताओं को कम करने के लिए अनुपालन के लिए स्पष्टता प्रदान करते हैं। विधिक मापविज्ञान (पैकेज में रखी गई वस्तुएं) नियम, 2011 निष्पक्ष बाजार को बढ़ावा देने, उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने और नैतिक व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हैं।

ये निर्णय उपभोक्ता संरक्षण और कारोबार में आसानी के बीच संतुलन बनाने तथा उद्योग हितधारकों पर अनुपालन बोझ कम करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English Urdu Marathi Gujarati Tamil

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By udaen

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