तीन वामपंथी पार्टियां- भाकपा, माकपा, भाकपा(माले) संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर के खिलाफ राज्य सभा में गृह मंत्री अमित शाह की अवमाननाकारी टिप्पणी के खिलाफ वाम दलों के राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद दिवस पर 30 दिसंबर को देहरादून में दीनदयाल उपाध्याय पार्क में धरना देंगे और अमित शाह की बर्खास्तगी के लिए राष्ट्रपति को ज्ञापान भेजेंगे.
यह निर्णय माकपा राज्य कार्यालय, कॉमरेड पूर्णचंद्र स्मृति भवन, न्यू गांधी ग्राम, देहरादून में तीन वामपंथी पार्टियों- भाकपा, माकपा, भाकपा(माले) की संयुक्त बैठक में लिया गया.
वाम नेताओं ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार निरंतर संविधान और लोकतंत्र पर हमला कर रही है. लोकसभा चुनावों में उसके संविधान और लोकतंत्र विरोधी रवैये के लिए उसे जनता ने बहुमत के आंकड़े से नीचे समेट दिया. लेकिन उसके बावजूद अपने संविधान और लोकतंत्र विरोधी रुख पर भाजपा कायम है. देश की आजादी के समय से ही आरएसएस और भाजपा का पूर्ववर्ती जनसंघ, बाबा साहब अंबेडकर के बनाए संविधान के बजाय मनुस्मृति थोपना चाहता था. हिंदू कोड बिल पर भी अंबेडकर के खिलाफ सबसे मुखर विरोध करने वालों में ये लोग शामिल थे.
राज्यसभा में अमित शाह ने जब अंबेडकर के नाम लेने को फैशन बताते हुए जो टिप्पणी की, उसमें उनके मातृ संगठन की डॉ. अंबेडकर के प्रति द्वेषपूर्ण मानसिकता की झलक साफ देखी जा सकती है. भाजपा का राजनीतिक विचार चूंकि आधुनिक, प्रगतिशील, लोकतांत्रिक भारत के विपरीत प्रतिगामी विचार है, इसलिए उन्हें डॉ अंबेडकर, उनके विचार और संविधान से परेशानी है. इस दृष्टिकोण को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता और डॉ.अंबेडकर की अवमानना के लिए अमित शाह को तत्काल केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए.
बैठक में वाम नेताओं ने प्रदेश में चल रहे स्थानीय निकाय के चुनावों पर भी चर्चा की. प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों, नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में वामपंथी पार्टियों के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं. वामपंथी पार्टियां या उनके समर्थित उम्मीद्वार जहां चुनाव लड़ रहे हैं, उन सीटों पर वामपंथी पार्टियां संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगी. जिन सीटों पर वामपंथी पार्टियां या उनके समर्थित प्रत्याशी नहीं होंगे, वहाँ जनता से संविधान और लोकतंत्र पर हमला करने वाली भाजपा को हराने की अपील वामपंथी पार्टियां करेंगी.
बैठक में भाकपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य कॉमरेड समर भंडारी, राज्य परिषद सदस्य कॉमरेड अशोक शर्मा, माकपा के राज्य सचिव कॉमरेड राजेंद्र पुरोहित, केन्द्रीय कमेटी सदस्य कॉमरेड राजेंद्र नेगी, राज्य कमेटी सदस्य कॉमरेड लेखराज और कॉमरेड सुरेंद्र सिंह सजवाण तथा भाकपा(माले) के राज्य सचिव कॉमरेड इन्द्रेश मैखुरी मौजूद थे.
