कालागढ़/कोटद्वार। कालागढ़ के कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र में वन दरोगा प्रशिक्षुओं का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डाॅ. साकेत बडोला ने प्रशिक्षण का लाभ लेकर वन व वन्यजीवों के संरक्षण में योगदान का आह्वान किया। शनिवार को हुए समारोह में मुख्य अतिथि कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डाॅ. साकेत बडोला ने कालागढ़ में मिले प्रशिक्षण का लाभ वन क्षेत्रों में जाकर उठाने के लिए कहा। उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ अनुशासन व तकनीक का उपयोग करने, वनों के निकट रहने वाले ग्रामीणों से समन्वय बनाने की सलाह दी। उत्तराखंड में वनों के प्रकार पर अभिषेक सजवाण, वन्यजीवों की पहचान पर जितेंद्र सिंह, मानव वन्यजीव संघर्ष पर नवीन नौटियाल, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम पर सुमित राणा व एएनआर पर ऋषभ कुमार ने प्रस्तुति दी।केंद्र के वन क्षेत्राधिकारी इंद्र सिंह बिष्ट ने छह माह के प्रशिक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मसूरी वन प्रभाग के अभिषेक सजवाण व अल्मोड़ा वन प्रभाग के ऋषभ कुमार ने प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए। परीक्षाफल केंद्र के निदेशक बिंदर पाल ने बताया कि शत-प्रतिशत प्रशिक्षु उत्तीर्ण हुए हैं। कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने आभार जताया। अदनाला व सोना नदी की उप प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़, ढेला व झिरना के अधिकारी व स्थानीय कर्मी मौजूद रहे।प्रशिक्षण में टिहरी वन प्रभाग के प्रवीण असवाल ने स्वर्ण, मसूरी वन प्रभाग के अभिषेक सजवाण ने रजत व अल्मोड़ा के सिविल सोयम वन प्रभाग के नवीन नौटियाल ने कांस्य पदक जीता। प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक बिंदर पाल ने बताया कि प्रवीण असवाल ने 90.6, अभिषेक सजवाण ने 87.53 व नवीन नौटियाल ने 84.24 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। क्रियात्मक में अल्मोड़ा के सत्येंद्र सिंह नेगी ने प्रथम व पिथौरागढ़ के महादेव प्रसाद ने द्वितीय स्थान पाया। सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी अभिषेक सजवाण, पीटी ड्रिल में गढ़वाल वन प्रभाग के सुमित राणा रहे। प्रशिक्षुओं को डाॅ. साकेत बडोला ने पुरस्कृत किया।
