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‘आपदा के दौरान कराए गए कार्यों के कोई भी बिल नहीं रहेंगे पेंडिंग, होगा भुगतान‘‘
‘‘स्वास्थ्य, राजस्व, शिक्षा और बाल विकास विभाग को प्राथमिकता से भवनों की मरम्मत कराने के निर्देश‘‘
सूचना/पौड़ी/26 नवंबर 2024ः सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सचिव ने स्पष्ट किया कि आपदा से क्षतिग्रस्त विभागीय परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सभी विभागों को त्वरित गति से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत करने के निर्देश दिए।
मंगलवार को गढ़वाल मंडल आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण संबंधी कार्य करवाने संबंधी मानकों में शिथिलता दी गई। इन कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि उनके पास जेसीबी और अन्य मशीनों के बिल भुगतान हेतु अवशेष हैं, तो उनको प्रमाण सहित जिलाधिकारी कार्यालय प्रेषित करें। विभागों से प्रस्ताव मिलने के बाद नए और पुराने बिलों का भुगतान हो जाएगा। उन्होेंने आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से निर्गत मानकों के संबंध में शंकाओं का भी समाधान किया।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और पटवारी चौकियों की मरम्मत करा लें। यदि भविष्य में किसी माध्यम से या निरीक्षण में यह शिकायत मिलती है कि किसी भवन की स्थिति खराब है, तो संबंधित विभागीय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग इंजीनियरों से स्थलीय निरीक्षण करवा कर स्टीमेट तैयार कर जिलाधिकारी को भेंजे।
बैठक में लोक निर्माण विभाग दुगड्डा के अधिशासी अभियंता ने बताया कि पौड़ी-कोटद्धार राष्ट्रीय राजमार्ग पर आमसौड़ के समीप भूस्खलन से बाधित हो रहे यातायात को देखते हुए कोटद्वार-चरेथ मोटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोटद्वार में मालन पुल के दो पिलर तैयार हो गए हैं तथा आठ पर कार्य चल रहा है। जल्द ही स्लैब डालने का काम भी शुरू करा दिया जाएगा। बताया कि मार्च 2025 तक पुल निर्माण की डेड लाइन निर्धारित की गई है। आगामी मानसून काल से पहले ही उक्त पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024-25 में राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त परिसपंत्तियों की मरम्मत/पुनर्निर्माण कार्यों हेतु 11 करोड़ मिले थे। इसमें से 22 कार्यों पर 42 लाख 06 हजार रूपये व्यय हो चुके हैं। जिला प्रशासन द्वारा अनुगृह अनुदान, गृह अनुदान, अहेतुक सहायता और कृषि अनुदान में 63 लाख 13 हजार 913 रूपये वितरित किए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन सचिव और गढ़वाल आयुक्त की ओर से दिए गए निर्देशों का अनुपालन करते हुए आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत/पुनर्निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर करवाया जाए। विभाग जल्दी से जल्दी उनके पास प्रस्ताव भेजें जिससे संबंधित योजना पर कार्य करवाया जा सके।
बैठक के बाद जिलाधिकारी डॉ0 चौहान ने आयुक्त गढ़वाल मण्डल व सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया।
बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरूद्ध, सीडीओ गिरीश गुणवंत, अपर जिलाधिकारी इला गिरी, एसीएमओ डॉ. पारूल गोयल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद शेट, उप जिलाधिकारी श्रीनगर नुपूर वर्मा, उप जिलाधिकारी लैंसडौन शालिनी मौर्य और उप जिलाधिकारी सतपुली अनिल चिन्याल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला सूचना कार्यालय
पौड़ी गढ़वाल।
[26/11, 4:20 pm] +91 82795 52463: कार्यालय जिला सूचना अधिकारी,
पौड़ी गढ़वाल
सूचना/26 नवम्बर 2024ः- मिथ्या छाप, अधोमानक खाद्य पदार्थ की बिक्री, बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थों की बिक्री तथा खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करने पर दस खाद्य कारोबारियों पर न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी ईला गिरि के न्यायालय ने 6 लाख 43 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
जिला अभिहीत अधिकारी खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन पौड़ी एएस रावत ने बताया कि विभाग की ओर से न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय में 10 वाद दायर किए गए थे। न्याय निर्णायक अधिकारी ने इन मामलों में फैसला सुना दिया है।
उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग स्थानों से हिन्दुस्तान यूनिलिवर लिमिटेड, अन्धेरी (ईस्ट) मुम्बई द्वारा निर्मित रेड लेवल नेचुरल केयर चाय के नमूने लेकर खाद्य विश्लेषक रुद्रपुर को भेजे गए। जांच में नमूने मिथ्या छाप (मिस ब्रांडेड) घोषित किए गए। न्याय निर्णायक अधिकारी ने खाद्य पदार्थों के मिथ्या छाप पाए जाने पर संबंधित कंपनी पर 01-01 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
उन्होंने बताया कि अमूल गोल्ड होमोनाइज्ड स्टैन्डराइज्ड पैकेट बंद दूध का नमूना जांच में अधोमानक (सब स्टैंडर्ड) पाया गया। इसमें खाद्य सुरक्षा अधिनियम के मानकों के तहत निर्धारित वसा की मात्रा कम पाई गई। न्याय निर्णायक अधिकारी ने संबंधी कंपनी पर दो लाख रूपये अर्थदंड लगाया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने पौड़ी बाजार की एक दुकान से विक्ट्री धनिया पाउडर का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच में नमूना अधोमानक मिला। जिस पर न्यायालय ने धनिया पाउडर पैकिंग करने वाली कंपनी जी०एल० एग्रो कॉरपोरेशन गुजरात और मार्केटिंग करने वाली कंपनी गंगाराम लालूदास पटेल गुजरात को 35-35 हजार रुपये जुर्माना देने के आदेश दिए। जबकि संबंधित दुकानदार के बिल प्रस्तुत न करने पर उस पर 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
उन्होंने बताया कि सात खाद्य कारोबारियों पर बिना खाद्य लाइसेंस बिक्री करने और साफ-सफाई न होने पर एक लाख 73 हजार रूपये अर्थदंड लगाया गया। उक्त समस्त खाद्य कारोबारियों को आदेश प्राप्ति के 15 दिन के भीतर जुर्माने की धनराशि न्याय निर्णय अधिकारी पौड़ी के पक्ष में चेक अपना ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
