वीडियो कान्फ्रसिंग के माध्यम से बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत आंगवाड़ी केन्द्रों में छोटे बच्चों के आहार के वितरण एवं उपलब्धता की जानकारी जिलाधिकारियों एवं कार्यक्रम अधिकारियों से प्राप्त की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक जनपद में कुपोषित बच्चों की देखरेख के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को नामित करें ताकि कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पोषण प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों के लिए मंडूवा, चैलाई, झंगोरा पदार्थों के अतिरिक्त गहत, राजमा जैसी प्रोटीनयुक्त दालों का प्रयोग अधिक करायें। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को स्वयं सहायता समूहों से क्रय कर लिया जाय ताकि बच्चों को उचित आहार मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में मीडडेमील में स्थानीय दालों को प्राथमिकता दें। उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए साप्ताहिक मैन्यू तैयार करानेे तथा उसका सत्त पर्यवीक्षण भी करने के निर्देश दिये। वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जनपदों द्वारा आ रही व्यवहारिक कठिनाईयों से आयुक्त गढवाल को अवगत कराया जिनका निदान भी आयुक्त द्वारा किया गया, वीडियो कान्फ्रेसिंग में जनपद देहरादून से जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन, मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत, कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास क्षमा बहुगुणा, वैयक्तिक अधिकारी वीरेन्द्र सिंह समेत अन्य कार्मिक उपस्थित थे।
