तीनो कृषि कानून को रद्द करने को ले बिहटा में किसानों ने मनाया काला दिवस|
बिहटा:- 26 मई 2021 को संयुक्त किसान संघर्ष समन्वय समिति के द्वारा आहूत देशव्यापी काला दिवस के अवसर पर आज बिहटा स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम में उनकी प्रतिमा के सामने धरना पर बैठ किसानों ने काला दिवस मनाया और केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानून को रद्द करने का मांग किया.
धरना की अध्यक्षता कर रहे किसान नेता गिरेंद्र नारायणगिरी ने कहा कि केंद्र सरकार यह तीनों कृषि कानून लाकर किसानों को बर्बाद करने का काम किया है यह कानून किसान हित में नहीं है इसको जबरदस्ती थोपा जा रहा है जो निजी कंपनी एवं मुनाफाखोरी करने वालों को फायदा पहुंचायगा.
वही धरना मे जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के युवा प्रदेश महासचिव व प्रवक्ता रजनीश कुमार तिवारी ने भी शामिल होकर कहा कि देशव्यापी किसानों के आंदोलन में जन अधिकार पार्टी बिहार में उनका समर्थन कर रही है पूरे बिहार भर में जाप पार्टी की ओर तीनों काले कृषि कानूनों को रद्द करने एवं पूर्व सांसद श्री पप्पू यादव की रिहाई के लिए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है .
इस कृषि कानूनों से किसानों को काफी हानि है निजी कंपनियों ओने-पौने दाम में फसल को खरीद मार्केट में कई गुना ज्यादा बढ़ा कर सामानों को बेचेगी. मंडी व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी और निजी कंपनी किसानों पर अपनी मनमानी करने का काम करेंगे. सरकार किसानों का फसल स्वयं खरीदने की व्यवस्था करें ना कि निजी कंपनियों को मालामाल करने की कानून उन पर थोपे पिछले कोरोना लॉकडाउन से लेकर अब तक किसान अनवरत गाजीपुर बॉर्डर और सिंधु बॉर्डर पर सारे सुख सुविधा अपने परिवारों से दूर अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है.प्रधानमंत्री जी को किसानों की चिंता नहीं है उन्हें सिर्फ चंद पूंजीपतियों की चिंता है.
रजनीश ने प्रधानमंत्री से मांग किया है कि इन कृषि कानून को वापस लिया जाए. यह कार्यक्रम कोरोना गाइडलाइन व लॉक डाउन का पालन करते हुए सीमित व्यक्तियों में सोशल डिस्टेंस एवं मास्क लगाकर सांकेतिक रूप से किया गया .
मौके पर किसान नेता गिरेंद्र नारायण गिरी ,रजनीश कुमार तिवारी ,चितरंजन सिंह, मिथिलेश कुमार एवं विकास सिंह ब्रह्मर्षि मौजूद रहे.
