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फसल कटाई के दौरान कोरोना की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश जारी

कोविड–19 के चलते भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने रबी फसलों की कटाई और उसके पश्चात कृषि उपज के भंडारण और विपणन के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। आज के समय में जब महामारी दोबारा अपने पांव पसार रही है, अधिक संख्या में लोगों का इकट्ठा होना परिस्थिति को अधिक बेहाल बना सकता है। अतः सरकार द्वारा इसकी रोकथाम हेतु कुछ निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों का पालन कर न सिर्फ किसान अपनी जान की रक्षा कर सकते हैं अपितु वे लाखों लोगों को भी इस गंभीर बीमारी का शिकार होने से बचा सकते हैं।

फसल की कटाई और बुआई के समय निम्नलिखित दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए–

  1. खेत में कम श्रमिकों को शामिल करने के लिए जहां तक ​​संभव हो यंत्रीकृत हार्वेस्टर के माध्यम से फसलों की कटाई की जानी चाहिए।
  2. यदि कटाई या बुआई के समय श्रमिकों की अधिक आवश्यकता है तो उन्हें 4–5 फीट की दूरी पर एक पट्टी की कटाई का कार्य सौंपा जाना चाहिए। साथ ही नियमित अंतराल पर सैनिटाइजर से हाथ धोने चाहिए।
  3. जहां तक संभव हो, खेत पर केवल उन्हीं लोगों को रखे जिनसे जान पहचान हो और एक ही समय पर बहुत अधिक संख्या में लोगों को खेतों पर न बुलाएं।
  4. सभी मशीनों को प्रवेश बिंदु पर और नियमित अंतराल पर सैनिटाइज किया जाना चाहिए। सभी परिवहन वाहनों, सामान की थैलियों या अन्य पैकेजिंग सामग्री को भी सैनिटाइज किया जाना चाहिए।
  5. उपज का संग्रह 3-4 फीट पर फैले छोटे ढेर में किया जा सकता है और भीड़ से बचने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर प्रसंस्करण 1-2 व्यक्तियों को सौंपा जाना चाहिए।

चूंकि अधिकांश फसलें जिनका भंडारण किया जाता है वे खाद पदार्थ होती हैं, इनके भंडारण और विपरण हेतु विशेष सावधानी बरतने की आवश्कता है। साथ ही अधिक समय तक फसलों का भंडारण करने से कीटाणुओं द्वारा हानि पहुंचने का खतरा भी होता है। ऐसे में भंडारण हेतु एक निश्चित तापमान और परिस्थिति का मौजूद होना बीमारी से बचने के लिए अति आवश्यक है। फसल के भंडारण और विपणन हेतु दिशानिर्देश निम्नलिखित हैं–

  1. फसल को सुखाने, बुआई, सफाई,ग्रेडिंग और पैकिंग के दौरान मुंह को मास्क से ढक लें जिससे न सिर्फ कोरोना का फैलाव रुकेगा बल्कि श्वसन संबंधी समस्याएं भी नहीं होंगी।
  2. कृषि उपज को वाहनों में भरने और उतारने के समय और परिवहन के लिए पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए और नीलामी प्लेटफार्मों पर बिक्री में भाग लेने वाले लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखनी चाहिए।
  3. टमाटर, फूलगोभी, हरी पत्तेदार सब्जियां, खीरे और अन्य सब्जियों के प्रत्यक्ष विपणन / आपूर्ति के लिए सावधानी बरती जानी चाहिए।
  4. बीज उत्पादक किसानों को कंपनियों को सहायक दस्तावेजों के साथ बीज पहुंचाने और भुगतान प्राप्त करते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
  5. भंडारण से पहले खेत की उपज को 48 घंटे तक धूप में बाहर रखना चाहिए।

भारत सरकार के नीति निर्देशों के आधार पर, विभिन्न मंत्रालयों ने राज्य सरकारों को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित गतिविधियों को जारी रखने के लिए कार्यान्वयन दिशानिर्देश जारी किए हैं।


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By udaen

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