आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्डलीय समिति (सीसीईए)
मंत्रिमंडल ने बाहरी वित्तीय सहायता प्राप्त बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना– चरण-II और III को मंजूरी दी
PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने विश्व बैंक (डब्ल्यूबी) और एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईएस) की वित्तीय सहायता प्राप्त बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी) चरण-II और चरण III को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य पूरे देश के कुछ चयनित बांधों की सुरक्षा और परिचालन में सुधार करना है तथा प्रणाली के व्यापक प्रबंधन दृष्टिकोण के साथ संस्थागत सुदृढ़ीकरण करना है।
परियोजना की लागत 10,211 करोड़ रुपये है। परियोजना लागू करने की अवधि 10 वर्ष है और इसमें दो चरण शामिल हैं। प्रत्येक चरण छह वर्षों का होगा तथा इसमें अप्रैल, 2021 से मार्च, 2031 तक, दो वर्षों की पुनरावृति (ओवरलैपिंग) अवधि शामिल है। कुल परियोजना लागत में बाहरी वित्तीय निधि 7,000 करोड़ रुपये है और शेष 3,211 करोड़ रुपये, संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों (आईए) द्वारा वहन किये जायेंगे। केंद्र सरकार का योगदान ऋण देयता के रूप में 1,024 करोड़ रुपये है और केंद्रीय घटक के हिस्से के रूप में (काउंटर-पार्ट फंडिंग) 285 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।
डीआरआईपी चरण-II और चरण III में निम्नलिखित उद्देश्यों की परिकल्पना की गयी है:
- चयनित मौजूदा बांधों और संबंधित परिसंपत्तियों की सुरक्षा और प्रदर्शन में स्थायी रूप से सुधार करना,
- ii) भाग लेने वाले राज्यों के साथ-साथ केंद्रीय स्तर पर बांध सुरक्षा से सम्बंधित संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करनाऔर
iii) कुछ चयनित बांधों में वैकल्पिक साधनों का पता लगाना, ताकि बांध के स्थायी संचालन और रख-रखाव के लिए अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति हो सके।
उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए, डीआरआईपी चरण-II और चरण-III में निम्न घटक शामिल किए गए हैं:
- बांधों और संबंधित परिसंपत्तियों का पुनर्वास और सुधार,
ख) प्रतिभागी राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों में बांध सुरक्षा के लिए संस्थागत मजबूती,
ग) कुछ चयनित बांधों में वैकल्पिक साधनों का पता लगाना, ताकि बांध के स्थायी संचालन और रख-रखाव के लिए अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति की जा सके और
घ) परियोजना प्रबंधन।
परियोजना में देश भर के 736 मौजूदा बांधों के व्यापक पुनर्वास की परिकल्पना की गई है। कार्यान्वयन एजेंसी के आधार पर पुनर्वास किये जाने वाले बांधों की संख्या का विवरण इस प्रकार है:-
| क्र.सं. | राज्य/एजेंसी | बांधों की संख्या
|
| 1 | आंध्र प्रदेश | 31 |
| 2 | भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) | 2 |
| 3. | छत्तीसगढ़ | 5 |
| 4. | केंद्रीय जल आयोग | |
| 5. | दामोदर घाटी निगम | 5 |
| 6. | गोवा | 2 |
| 7. | गुजरात | 6 |
| 8. | झारखंड | 35 |
| 9. | कर्नाटक | 41 |
| 10. | केरल | 28 |
| 11. | मध्य प्रदेश | 27 |
| 12. | महाराष्ट्र | 167 |
| 13. | मणिपुर | 2 |
| 14. | मेघालय | 6 |
| 15. | ओडिशा | 36 |
| 16. | पंजाब | 12 |
| 17. | राजस्थान | 189 |
| 18. | तमिलनाडु | 59 |
| 19. | तेलंगाना | 29 |
| 20. | उत्तर प्रदेश | 39 |
| 21. | उत्तराखंड | 6 |
| 22. | पश्चिम बंगाल | 9 |
| कुल | 736 |
