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37 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश विधानसभाओं में से 33 ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं

PIB Delhi

37 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश विधानसभाओं में से 33 विधानसभाओं ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (एनईवीए) के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से 21 विधानसभाओं को एनईवीए परियोजना के तहत डिजिटल विधानसभाओं में परिवर्तित किया जा चुका है। संसद के दोनों सदनों का डिजिटलीकरण एनईवीए परियोजना के दायरे से बाहर है।

एनईवीए ने सदन के कामकाज की इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया को सक्षम बनाकर विधायी कार्यप्रणाली की दक्षता में सुधार किया है। इसने कागजी प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम की है, विधायी कामकाज की त्वरित प्रक्रिया और प्रसार को सुगम बनाया है, विधायी जानकारी की सुलभता में सुधार किया है, और दस्तावेजों की छपाई, रखरखाव तथा भंडारण में लागत बचत की है।

नीति आयोग ने एनईवीए परियोजना का मध्यावधि मूल्यांकन किया गया है। मूल्यांकन रिपोर्ट में अन्य बातों के अलावा यह पाया गया है कि एनईवीए ने कागज़ के उपयोग को कम किया है और विधायी कार्यप्रवाह को बेहतर बनाया है। विधानसभाओं और सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय से विधायी कार्यों की त्वरित प्रक्रिया सुगम हुई है और एनईवीए का सार्वजनिक पोर्टल विधायी दस्तावेजों तक तत्क्षण पहुंच प्रदान करता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एनईवीए सेवा केंद्रों की स्थापना सहित क्षमता निर्माण पहलों ने हितधारकों को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करके इस प्लेटफॉर्म को अपनाने में सहयोग दिया है।

उपयोगकर्ता की प्रतिक्रिया और परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर एनईवीए एप्लिकेशन को समय-समय पर अपग्रेड किया जाता है।

साइबर सुरक्षा बढ़ाने के लिए एनईवीए एप्लिकेशन को सुरक्षित एनआईसी मेघराज 2.0 क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर माइग्रेट कर दिया गया है। भाषिणी के साथ एकीकरण से सार्वजनिक पोर्टल की सामग्री का शब्दश: अनुवाद संभव हो गया है, जिससे भाषाई सुगमता में सुधार हुआ है। एप्लिकेशन को डिवाइस-इंडिपेंडेंट प्लेटफॉर्म के रूप में डिज़ाइन किया गया है ताकि सभी डिवाइसों में इसका उपयोग किया जा सके। भूमिका-आधारित डैशबोर्ड, विधायी दस्तावेजों की वर्कफ़्लो-आधारित इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेसिंग आदि विभिन्न उपयोगकर्ता भूमिकाओं जैसे सदस्यों, विधानमंडलों के सचिवालय और सरकारी विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करते हैं।

संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।


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By udaen

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