सैन्टर आफ इण्डियन्स ट्रेड यूनियन्स यानी सीटू ने शनिवार को स्थापना दिवस की 50वींं वर्षगांंठ पर सीटू कार्यालय मेंं झण्डा फहराया। कार्यकर्ताओं ने मौजूदा दौर मेंं मजदूर वर्ग के हितों के लिए संघर्ष करने वाले शहीदों तथा आन्दोलन के पुरोधाओं को क्रान्तिकारी अभिवादन किया व विनम्र श्रृद्धांंजलि दी। इस अवसर पर सरकारी नीतियों के कारण कोविड 19 के दौरान असमय मारे गए मजदूरोंं को याद किया। 
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सीटू की स्थापना संशोधनवाद के खिलाफ लड़ते हुए वर्ष 1970 मेंं हुई थी ।तबसे निरन्तर संघर्ष करते हुए आज मजदूर वर्ग का विश्वनीय संगठन बन चुका है। सीटू आज हरेक आन्दोलन का अगुआई कर रहा है ।साथ ही अन्य मजदूर संगठनों को साथ लेकर मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ व्यापक कार्यवाही कर रहा है।
वक्ताओं ने कहा है कि सरकार ने आज मजदूरों व उनके श्रमिक अधिकारों पर हमला शुरू कर दिया है। छंटनी, काम के घण्टों मेंं भारी बढ़ोत्तरी तथा मालिकों को भारी छूट तथा कोविड 19 के बहाने आम जनता पर भारी हमला किया जा रहा है। वक्ताओं ने मजदूर वर्ग के सभी अधिकारोंं की बहाली, रोजगार को बढ़ावा, परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को सुविधा व स्कीम वर्कर को समुचित सुविधा देने की भी इस अवसर पर मांग उठाई ।
झण्डारोहण उपाध्यक्ष भगवन्त पयाल ने किया। मुख्य वक्ता सीटू अध्यक्ष कामरेड राजेन्द्रसिंह नेगी, संचालन सचिव लेखराज ने किया। शहीदी वेदी पर पुषान्जलि अर्पित करने वालोंं मेेंं किसान सभा अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सजवाण ,बीजीवीएस अध्यक्ष विजय भट्ट ,संयोजक इंंद्रेश नौटियाल, उपाध्यक्ष रामसिंह भण्डारी, कोषाध्यक्ष रविन्द्र नौडियाल ,अनन्त आकाश, एस एफ आई महामंत्री हिमांशु चौहान, यूनियन अध्यक्ष शिशुपाल और बड़ी संख्या मेेंं महिलाएं व संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित थे ।
