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जनपद में मानसून अवधी की पूर्व तैयारी को लेकर जिलाधिकारी श्री धीराज सिंह गर्ब्याल ने आज विकास भवन सभागार पौड़ी में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक ली। उन्होने जनपद में मानसून सीजन के दौरान बारिश, दैवीय आपदा से होने वाली संभावित नुकसान को दृष्टिगत रखते हुए, सभी संबंधित अधिकारियों को आपदा से निपटने के लिए मुस्तैदी के साथ तैयार रहने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होने गत वर्ष मानसून सीजन में दैवीय आपदा से हुई क्षति एवं की गई कार्य की भी विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। कहा कि आपदा से निपटने के लिए तटस्थता से तैयार रहेगे। उन्होने मानसून के दौरान बारिश से क्षेत्रों में पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त होने के दृष्टिगत मरम्मत कार्य हेतु जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को जल संस्थान पौड़ी एवं कोटद्वार के लिए पांच-पांच लाख की धनराशि जारी करने के निर्देश दिये। जबकि आपदा से निपटने के लिए सभी अधिकारियों को अपने विभागीय दैवीय आपदा प्रबंधन कार्य योजना वर्ष 2020-21 तैयार कर आपदा परिचालन केन्द्र पौड़ी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने चैपडा गांव के नीचे श्रीनगर पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त हिस्से को अभी तक ठीक न किये जाने पर नाराजगी जहीर की कहा कि तत्काल उक्त स्थल में मरम्मत कार्य करना सुनिश्चित करें। ब्लैकस्पाॅट एवं हाटस्पाॅट के समीक्षा के दौरान अ0अ0 लोनिवि ने बताया कि चिन्हित स्थल को दुरस्त कर दिया गया है। मानसून अवधी में दैवी आपदा से संबंधित सूचनाओं की आदान प्रदान हेतु रेखीय विभाग/तहसील स्तर पर कंट्रोल रूप स्थापित करने तथा कन्ट्रोल रूम की संपर्क नम्बरों अद्यतन सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही प्रतिदिन बारिश की सही सूचना कन्ट्रोल रूम में देने के निर्देश दिये। वन विभाग, जल संस्थान, सिंचाई विभाग, पुलिस, लोनिवि, विद्युत विभाग आदि संबंधित विभाग को भी मानसून के दौरान दैवी आपदा से संबंधित सूचनाऐं प्रतिदिन कंन्ट्रोल रूम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य हेतु आईआरएस सिस्टम से जुडे संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्व का कर्तव्य निष्ठा के साथ संपादन करने को कहा। उन्होने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के अन्तर्गत बरसाती नालों तथा नदियों की अतिक्रमित भूमि पर निर्मित भवनों को तथा अन्य यथा शीघ्र खाली करवाना सुनिश्चि करेंगे। अ0अ0 लोनिवि को निर्देशित किया कि चिन्हित संवेदनशील एवं अति संवेदनशील स्थलों मेें मशीनरी तैनाती की प्लानिंग करते हुए संबंधित अधिकारी एवं मशीन आॅप्रेटरों के संपर्क नम्बर कन्टोल रूम को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। 108 एम्बुलेंस की स्थिति, आपातकालीन परिस्थिति में अतिरिक्त्त मांग,चिकित्सालय, स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मेडिकल एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की भी अद्यतन जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने श्रीनगर अस्पताल को सिविल कार्य हेतु खननं न्यास से 25 लाख रूपया जारी करने के निर्देश दिये। जबकि आपदा प्रबंधन अधिकारी को निर्देशित किया के टेंट की आपश्यकता होने पर क्रय की कार्यवाही करेंगे। उन्होने सभी अधिकारियों को कडी निर्देश देते हुए कहा कि आपदा के कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो इस बात को गम्भीरता से लेना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिह कुंवर, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, डीएफओ ए.वर्मा, अपर जिलाधिकारी डा. एस.के बरनवाल, सीएमओ डा. मनोज बहुखण्डी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, एपीडी सुनील कुमार, डीटीडीओ के.एस. नेगी, अ0अ0 जन संस्थान एस के गुप्ता, डीएसओ के एस कोहली, आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।




