कोरोना के कारण लॉकडाउन से प्रभावित चालक-परिचालकों को सरकार राहत देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार ने परिवहन विभाग से चालक-परिचालकों की सूची मंगाई है। माना जा रहा है कि इससे आने वाले वित्तीय भार को देखने के बाद ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, विभाग के इस कदम का पता चलते ही कुछ परिवहन यूनियनें अभी से चालक-परिचालकों के बैंक अकाउंट नंबर लेकर इसका श्रेय हासिल करने की होड़ में जुट गई है। वहीं, आयुक्त और सचिव परिवहन शैलेश बगोली ने फिलहाल ऐसे किसी निर्णय से इनकार किया है।
प्रदेश में कुछ दिनों पहले परिवहन विभाग ने चालक परिचालकों की एक सूची तैयारी की। इस सूची में यात्री वाहन, भारी वाहन और ई-रिक्शा चालकों के साथ ही परिचालकों की संख्या की संभागवार गणना की। यह संख्या 2,19,106 है। इसके अलाव सभी संभागो में 8424 चालक भी चिह्न्ति किया गए हैं। सूत्रों की मानें तो इसके पीछे शासन की मंशा इनको आर्थिक मदद देना है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय वित्त विभाग की सहमति के बाद ही होगा।
इस बीच सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सूबे के परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने केंद्र से परिवहन निगम व परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक पैकेज की मांग की।
