Spread the love

प्रदेश सरकार ने आर्थिक गतिविधियों को धीरे-धीरे पटरी पर लौटाने की कसरत शुरू कर दी है। किसान क्रेडिट कार्डधारकों, स्वयं सहायता समूहों, एमएसएमई और उद्योगों को अपना कामकाज शुरू करने या बढ़ाने को बैंकों से तुरंत ऋण उपलब्ध होगा। इसके लिए इमरजेंसी क्रेडिट लिमिट में 10 फीसद इजाफा किया गया है। इस काम में स्टांप पेपर की दिक्कतें जल्द दूर की जाएंगी।

प्रदेश में आर्थिक कार्यो में गति लाने को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मंगलवार को सचिवालय में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति के साथ विशेष बैठक की। बैठक में बैंकों से कहा गया कि किसानों, लघु व मध्यम समेत तमाम उद्योगों को उनके कामकाज के लिए तुरंत ऋण उपलब्ध कराया जाए। पात्र कर्जदाताओं के लिए मौजूदा वर्किंग कैपिटल का 10 फीसद तक क्रेडिट लिमिट बढ़ाई गई।इस पर बैंकों न सहमति जताई। कर्ज के मामले में स्टांप पेपर की जरूरत देखते हुए स्टांपों की बिक्री और स्टांप वेंडरों के मामले में जल्द फैसला लेने के संकेत दिए गए। उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैंकों से वर्किंग कैपिटल लिमिट के लिए मार्जिन घटाने का अनुरोध किया। यह तय किया कि इस मामले पर उच्च स्तर पर विचार किया जाएगा। बैंकों ने बताया कि जनधन योजना व सामाजिक योजनाओं के लाभार्थियों को बैंकों ने तुरंत लाभ पहुंचाया है।


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *