
देश पर कोरोना महामारी का संकट है। यह कोरोनावायरस पूरे विश्व में अमीर-गरीब का भेद किए बिना पीड़ा और मौत बांट रहा है। जिले में लॉकडाउन से गरीबों को भूखरूपी दानव परास्त न कर पाए इसके लिए जिला प्रशासन व समाजसेवी संगठनों की ओर से निरन्तर चल रही कम्युनिटी किचन वरदान से कम नही है। जिले में फिलहाल 22 सरकारी व गैर सरकारी किचन रोजाना 11 हजार 800 गरीब निराश्रितों को गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक भोजन मुहैया करा रही हैं।
कोविड-19 ने देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में कोहराम मचाया है। इससे निपटने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन अप्रैल तक लॉकडाउन घोषित किया है। लॉकडाउन के चलते जिले के हजारों गरीब, दिव्यांग, निराश्रितों के सामने रोटी का संकट उभरकर सामने आया, लेकिन जिले में तनिक भी देर न करते हुए कम्युनिटी किचन की शुरुआत की गई। जनपद की ऊन, शामली व कैराना तहसील व निकाय क्षेत्रो में 16 सरकारी सामुदायिक रसोई शुरू कराई गई। इसके साथ ही प्रभुजी की शामली में सालों से चल रही रसोई के साथ ही पांच अन्य समाजसेवी संस्थाओं की ओर से कम्युनिटी किचन शुरू हुई। ताकि जिले के गरीबों को भूखा न रहना पड़े। इसके लिए ये किचन रोजाना हजारों लोगों को खाना खिला रही है।
डीएम की निगेहबानी में कम्युनिटी किचन: कम्युनिटी किचन में स्वच्छता बरकरार रहे। भोजन की गुणवत्ता बेहतर रहे। इसके लिए डीएम जसजीत कोर खुद गंभीर हैं। यही वजह है कि डीएम हर तीसरे चौथे दिन कम्यूनिटी किचन का खुद निरीक्षण करते हुए भोजन की क्वालिटी ओर मास्क, स्वछता, तौर तरीकों को स्वयं देखती है। इसके साथ ही एडीएम व तीनों तहसीलों के एसडीम भी निरन्तर कम्युनिटी किचन को खुद देखते हैं। खाद्यान्न की कोई कमी न रहे इसके लिए आपूर्ति विभाग व अन्य अधिकारियों को कड़े निर्देश हैं। जिले के नोडल अफसर व कमिश्नर संजय कुमार भी दो बार निरीक्षण कर कम्युनिटी किचन की व्यवस्था देख चुके हैं।
प्रशासन की 16 किचन खिला रहीं साढ़े सात हजार को भोजन : जिले की तहसील ऊन, कैराना, शामली की निकाय क्षेत्रो में 16 सरकारी किचिन हैं। ये किचन रोजाना सात हजार 500 गरीबों को खाना परोस रही है। वही छह स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से चल रही छह किचिन चार हजार 300 लोगों को नित्य दोनो समय भोजन मुहैया करा रही हैं।
26 मई से चल रही कम्युनिटी किचन : कोरोना संकट में लॉकडाउन में जिले कम्युनिटी किचन पका पकाया भोजन दो लाख 93 हजार गरीबों को खिला चुकी है। ऐसे समय में भारतके समाजसेवी और आम लोग देश सेवा में लगे हैं। जिसके चलते जनपद में कोई भी व्यक्ति भूखा सोने को मजबूर नहीं है।
जिले में प्रसाशन की ओर से 16 कम्युनिटी किचन रोजाना 7500 गरीबों निराश्रितों को भोजन खिला रही है। इसके साथ ही समाजसेवी संस्थाओं की ओर से भी रसोई चलाई जा रही है। खाने की गुणवत्ता व व्यवस्था बेहतर है। स्वच्छता का खासा ख्याल रखा जा रहा हैं। जिला प्रसाशन का मकसद है कि कोई भी भूखा न रहे।
-एके सिंह, एडीएम, शामली
