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कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्र सरकार से व्‍यापारी समुदाय के लिए एक आर्थिक पैकेज की मांग मजबूती के साथ की है। कैट ने वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण से कहा कि अब देश के व्यापारी और अधिक इंतज़ार नहीं कर सकते। क्‍योंकि, अब यह अत्‍यंत आवश्‍यक है कि सरकार व्यापारियों के लिए एक राहत पैकेज की तुरंत घोषणा करे।

कैट ने मंगलवार को कहा कि देशभर के व्‍यापारी समुदाय का कारोबार कोविड-19 की वजह से प्रभावित हुआ है। कैट ने कहा कि सरकार ने मौजूदा हालात में अन्य वर्गों के लिए राहत पैकेजों की घोषणा की है, लेकिन कारोबारियों जिसको भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है उसके लिए सरकार ने अभी कोई भी पर्याप्त पैकेज नहीं दिया है।

कारोबारियों के शीर्ष संगठन कैट ने कहा कि देश में घरेलू व्यापार काफी हद तक कोरोना की महामारी से ध्वस्त हो सकता है। देश में कृषि के बाद खुदरा व्यापारी ही सबसे ज्‍यादा रोजगार मुहैया कराता है। इसलिए सरकार को इस क्षेत्र को राहत उपलब्‍ध कराना चाहिए। कैट महामंत्री प्रवीण खंडेलवा ने कहा कि अब व्‍यापारियों की निगाहें वित्‍त मंत्री पर टिकीं है।

खंडेलवाल ने कहा कि कैट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आग्रह किया है कि कोरोना महामारी की वजह से देशव्‍यापी लॉकडाउन में देशभर के लगभग 45 लाख व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी ढंग से बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और किसी सामग्री की कोई भी कमी कहीं नहीं होने दी है।

कैट महामंत्री ने वित मंत्री से आग्रह किया है कि जिस तरह व्यापारियों ने अपने जीवन को जोखिम में डालकर देश के नागरिकों की सेवा की है। उनकी इस सेवा और उनकी जरूरतों को देखते हुए व्यापारियों को कोई पैकेज नहीं दिया जाता है, तो देशभर के खुदरा व्यापार और व्‍यवसाय को बचाना मुश्किल हो जाएगा, जिस वजह से बड़ी संख्या में व्यापारी खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। खंडेलवाल ने कहा कि व्यापारियों को बड़ी उम्मीद थी कि सरकार एक राहत पैकेज छोटे और खुदरा कारोबारियों को देगी। लेकिन, सरकार ने अभी तक व्‍यापारियों को कोई राहत नहीं मुहैया कराया है। इसके बावजूद कैट को उम्‍मीद है कि सरकार कारोबारियों के लिए राहत पैकेज का ऐलान करेगी।


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By udaen

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