धाद लोकभाषा एकांश की ओर से राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पौड़ी जिले के कल्जीखाल ब्लॉक के सागुंडा गांव के प्रगतिशील किसान विद्या दत्त शर्मा के संघर्ष पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म मोतीबाग का प्रीमियर शो किया गया। फिल्म देखने के बाद प्रगतिशील किसान डॉ विद्यादत्त शर्मा ने तेरे राम बसे मंदिर में, मेरे राम खेत खलिहानों में कहते हुए दर्शकों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया।
इस मौके पर फिल्म निर्माता निर्मल कुमार चंद डंडरियाल ने कहा कि उनके माता-पिता कई वर्ष पूर्व पलायन कर शहर में बस गए। उनकी शिक्षा-दीक्षा शहर में होने के बावजूद उनके मन में पहाड़ के प्रति लगाव रहा। उन्होंने पहाड़ की पीड़ा को लोगों तक पहुंचाने के लिए उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों पर आधारित फिल्म बनाने की ठानी। उन्होंने फिल्म देखने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया। किसान विद्या दत्त शर्मा ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां और सरकारें पहाड़ों से हो रहे पलायन को नहीं रोक सकती। जब हम पहाड़ की वायु, जल और उपज की अच्छाइयों से परिचित होंगे, तभी पहाड़ से पलायन रुक सकता है। लोगों के नाराज होने के डर से सरकार चकबंदी को लागू नहीं कर पा रही है। उन्होंने सरकार को डीएम के माध्यम से इसके लिए एक फार्मूला भेजा है। उम्मीद है कि सरकार इस फार्मूले को लागू करेगी। बीएड विभाग के प्रवक्ता अमित जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में धाद संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष लोकेश नवानी, लोकभाषा एकांश के अध्यक्ष जगमोहन बिष्ट, वयोवृद्ध साहित्यकार योगेश पांथरी, पूर्व प्रधानाचार्य विनोद कुकरेती, सीपी नैथानी, प्रवेश नवानी लें. कर्नल वुद्धि वल्लभ ध्यानी(सेनि.) समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रमोद रावत और संस्था की सचिव रिद्धि भट्ट ने किया।
