अब विदेशी प्याज से किसान परेशान, कहा- ज्यादा आयात हमारे लिए नुकसानदेह – Onion dilemma takes new turn as farmers warn govt of production glut atam
- सरकार मिस्र, टर्की और अफगानिस्तान से मंगा रही है प्याज
- सरकार ने फरवरी तक प्याज के निर्यात पर लगा रखा है बैन
- करार के तहत 15 जनवरी तक विदेशों से आते रहेंगे प्याज
अभी तक महंगा प्याज आम आदमी को रुला रहा था. लेकिन प्याज के बढ़ते आयात से अब किसान परेशान हो रहे हैं. किसानों को लग रहा है कि ज्यादा आयात की वजह से खेतों से आ रहे नए प्याज पर असर पड़ेगा.
दरअसल प्याज के दाम में इजाफे को देखते हुए कुछ किसान समय से पूर्व प्याज को खेतों से उखाड़कर बाजार में पहुंचा रहे हैं. किसानों का कहना है कि दिसंबर के आखिरी में और जनवरी के पहले हफ्ते बड़े पैमाने पर घरेलू प्याज मार्केट में पहुंच जाएंगे. ऐसे में विदेशों से मंगाए जा रहे प्याज की वजह से उनकी फसल को सही कीमत नहीं मिल पाएगी.
बड़े पैमाने पर प्याज का आयात
बता दें, गुरुवार को संसद में सरकार की ओर से कहा गया कि इस साल प्याज की 69.9 लाख टन पैदावार का अनुमान था. लेकिन बदली परिस्थितियों में 53.73 लाख टन उत्पादन की संभावना है. जिससे कीमतों में तेजी आई. सरकार इस 15.88 लाख टन प्याज की कमी को दूर करने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है.
मालूम हो कि पिछले कुछ हफ्तों में प्याज के दामों में अचानक उछाल देखने को मिला. देश के कई बड़े शहरों में प्याज का भाव 150 से 200 रुपये किलो तक पहुंच गया. लेकिन अब पिछले एक हफ्ते से कीमत में गिरावट आर रही है. क्योंकि बड़े पैमाने पर प्याज विदेशों से मंगाए जा रहे
