सुमाड़ी में हुआ एनआईटी स्थायी परिसर का भूमि पूजन

शिलान्यास के वक्त मौजूद राज्यपाल और अन्य अतिथि
खास बातें
- राज्यपाल, मुख्यमंत्री और एचआरडी मंत्री ने किया शिलापट का अनावरण
- एक हजार करोड़ रुपये से किया जाएगा एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण
- दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा परिसर
सुमाड़ी में एनआईटी के स्थायी परिसर के निर्माण की मांग कर रहे स्थानीय लोगों का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। आज मुख्य अतिथि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, अतिथि विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत व मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने भूमि पूजन के पश्चात शिलापट का अनावरण किया।
वर्ष 2009 में स्वीकृत एनआईटी उत्तराखंड का शिलान्यास समारोह आज दो स्थानों में संपन्न हुआ। सर्वप्रथम स्थायी परिसर के लिए चयनित भूमि सुमाड़ी में भूमि पूजन और शिलान्यास हुआ। शिलान्यास के पश्चात कार्यक्रम स्थल पर मानव संसाधन विकास मंत्री डा. निशंक ने कहा कि दो साल में संस्थान के पहले फेज का निर्माण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एनआईटी के सेटेलाइट कैंपस एमएनआईटी जयपुर में पढ़ रहे एनआईटी उत्तराखंड के लगभग एक हजार छात्र-छात्राएं अगले साल से अस्थायी परिसर (श्रीनगर) में वापस आ जाएंगे।
कहा कि यहां के छात्र जयपुर में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। सुमाड़ी में लगभग एक घंटे के कार्यक्रम के पश्चात सभी जीआईएंडटीआई मैदान श्रीनगर पहुंचे। यहां जनसभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि उत्तराखंड में पवित्र गंगा बहती है। इसी प्रकार यहां ज्ञान गंगा भी बहती है। उन्होंने कहा कि तकनीकी सस्ती होनी चाहिए और इसका लाभ सभी को मिलना चाहिए। कहा कि स्थायी परिसर निर्माण से क्षेत्र का विकास होगा।
इसके बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि आज सभी संशय खत्म हो गए हैं। सुमाड़ी में एनआईटी की बिजली-पानी-सड़क का खर्चा राज्य सरकार उठाएगी। पानी के लिए 20 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। बिजली का अलग फीडर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 30 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इंटरनल सड़क भी राज्य सरकार बनाएगी। वहीं एचआरडी मंत्री निशंक ने कहा कि सुमाड़ी में एनआईटी मंजूर कर लिया गया है। श्रीनगर में केंद्रीय विद्यालय के लिए राज्य सरकार जिस दिन जमीन दे देगी। उसी दिन 25 करोड़ रुपये दे दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह और सुबोध उनियाल ने भी कोटद्वार व नरेंद्रनगर में केंद्रीय विद्यालय की मांग की है। यदि कोटद्वार में अर्हता पूरी हो गई होंगी, तो जल्दी से जल्दी स्वीकृति दी जाएगी। नरेंद्रनगर के मसले को भी देखा जाएगा। इसके अलावा गढ़वाल सांसद तीरथ रावत ने कहा कि सांसद बनने के बाद उन्होंने सबसे पहला सवाल एनआईटी का ही किया था।
आज सरकार ने यहां शिलान्यास करके सभी गतिरोध खत्म कर दिए हैं। इस दौरान राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया। एनआईटी उत्तराखंड के निदेशक प्रो. एसएल सोनी ने संस्थान की प्रगति आख्या और सुमाड़ी के प्लान से अवगत कराया।
