हल्द्वानी। जिले के सरकारी स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर न होने के कारण मौजूदा सत्र में भी बच्चे जमीन पर टाट पट्टी पर बैठने को मजबूर हैं। यह हाल प्राइमरी पाठशालाओं का ही नहीं बल्कि इंटरमीडिएट विद्यालयों का भी है। स्कूलों की इस समस्या को डीएम सविन बंसल ने गंभीरता से लिया है।
उन्होंने इसकी कार्ययोजना पर काम भी शुरू कर दिया है। अगर उनकी कार्ययोजना सफल रही तो जल्द ही स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की दिक्कत दूर हो जाएगी। जिले के डेढ़ हजार से अधिक स्कूलों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था जिला खनिज फाउंडेशन न्यास से किए जाने की योजना है।
शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्राइमरी से लेकर माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति में अपेक्षाकृत सुधार नहीं हो पा रहा है। कई बार मामला उठने के बाद बाद भी प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के स्कूलों में शत प्रतिशत फर्नीचर उपलब्ध नहीं करवा सकी। कई इंटर कालेजों में बोर्ड परीक्षाओं में बच्चे जमीन पर बैठकर परीक्षा देते हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस समस्या को दूर करने के लिए इसे एक मिशन के तौर पर लिया है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए मेज कुर्सी की व्यवस्था जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में जमा धनराशि से की जाएगी।
जिले में कितने स्कूल हैं तथा इनमें कितने फर्नीचर की जरूरत होगी, इसकी सूची जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए गए हैं। डीएम ने बताया कि माध्यमिक स्कूलों की कक्षा कक्षों में व्हाइट बोर्ड भी लगाने की योजना है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में लाइब्रेरी का हाल भी अच्छा नहीं है, इसके लिए निर्देश दिए गए हैं कि महापुरुषों की जीवनी पर आधारित पुस्तकें, डिक्शनरी की व्यवस्था करने के अलावा प्रतिदिन एक अंग्रेजी और एक हिंदी का समाचार पत्र अवश्य बच्चों को पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया जाए।
जिले में स्कूलों की स्थिति
प्राइमरी स्कूल 1011
जूनियर हाईस्कूल – 347
माध्यमिक विद्यालय – 197
