निर्वाचन आयोग ने मीडिया एवं संचार अधिकारियों का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया
नई दिल्ली, 8 जुलाई।
भारत के भारत निर्वाचन आयोग ने मीडिया और संचार अधिकारियों का तीसरा एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें 10 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 200 मीडिया एवं संचार अधिकारी, मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग की प्रत्येक कार्रवाई भारतीय संविधान, चुनाव संबंधी कानूनों तथा समय-समय पर जारी लिखित निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी और भ्रामक सूचनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों से कहा कि वे गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय मतदाताओं के चुनावी प्रक्रिया पर बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
वहीं विवेक जोशी ने डिजिटल युग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डीपफेक और भ्रामक डिजिटल सामग्री का उपयोग लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास कमजोर करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने मीडिया एवं संचार अधिकारियों से आयोग के नियमों, दिशा-निर्देशों और स्थापित प्रक्रियाओं के आधार पर ऐसी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने का आह्वान किया।
सम्मेलन की शुरुआत चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों—मतदाता सूची तैयार करने से लेकर मतदान तक—की संचार रणनीतियों के विस्तृत अवलोकन से हुई। इस दौरान ईसीआईनेट (ECINET), चुनाव संबंधी संवैधानिक प्रावधानों तथा मीडिया से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में प्रेस विज्ञप्ति तैयार करने, मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना प्रसारित करने, फेक न्यूज और मिथकों का प्रभावी खंडन करने, तथा निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) के माध्यम से युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।
प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित कर मतदाता सूची निर्माण, मतदान प्रक्रिया और मतगणना की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन भी कराया गया। इसके बाद उन्हें निर्वाचन आयोग की प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का भ्रमण कराया गया। सम्मेलन का समापन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिभागियों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।
यह सम्मेलन चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, गलत सूचनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने तथा मीडिया एवं संचार तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में निर्वाचन आयोग की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
