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शासन ने कैबिनेट निर्णय के क्रम में वाहनों के वीआइपी नंबरों की ऑनलाइन बोली के दाम बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इसके लिए नियमावली में संशोधन कर दिया गया है। इसके तहत अब 0001 और 0786 नंबरों के लिए बोली की शुरुआत एक लाख रुपये से होगी। इसके अलावा सिंगल डिजिट नंबर यानी 0002 से लेकर 0009 की बोली 25 हजार और शेष अधिसूचित वीआइपी नंबरों की बोली 10 हजार रुपये से शुरू होगी। अब प्रदेश में कोई भी व्यक्ति प्रदूषण जांच केंद्र खोल सकता है। इसके लिए उसे तय मानकों को अनुपालन करना होगा। अब प्रदूषण नियंत्रण जांच शुल्क भी महंगा हो गया है। इसकी दर 70 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दी गई है।

सचिव परिवहन शैलेश बगोली ने उत्तराखंड मोटर यान (संशोधन) नियमावली के संबंध में जारी अधिसूचना में वीआइपी नंबरों की संशोधित दरें जारी की। इसमें स्पष्ट किया गया है कि 1111, 2222, 3333, 4444, 5555, 6666, 7777, 8888, 9999 नंबर के लिए बोली की शुरुआत 25 हजार रुपये से की जाएगी। शेष वीआइपी नंबरों के लिए बोली की शुरूआत 10 हजार रुपये से की जाएगी। नियमावली में किए गए एक अन्य संशोधन के तहत अब वाहनों के नए मॉडल को भौतिक सत्यापन के लिए परिवहन मुख्यालय ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विशेष परिस्थिति को छोड़ इनका सीधा रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा।
संबंधित कंपनी और विक्रेता को इसके लिए दो हजार से दस हजार रुपये तक का शुल्क देना होगा। प्रदूषण जांच केंद्रों के संबंध में किए गए संशोधन में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति प्रदूषण जांच केंद्र खोल सकता है। अधिकृत गैराज, कार्यशाला, पेट्रोलियम कंपनियों, पेट्रोल पंप व स्वैच्छिक संस्थाओं के साथ ही कोई अन्य व्यक्ति भी जांच केंद्र खोल सकेगा। इसके लिए उन्हें नियमानुसार परिवहन आयुक्त के नाम 25 हजार रुपये की प्रतिभूति जमा करनी होगी। इसके साथ ही मानकों से अधिक प्रदूषण छोड़ने वाले वाहन को सुधारने और इंजन जांच के लिए उपकरणों की सूची भी देनी होगी। प्रदूषण केंद्रों को प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 30 रुपये का फार्म परिवहन विभाग से लेना होगा।
इसी फार्म पर वह प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र जारी करेगा। इसके लिए वह आवेदक से 100 रुपये का शुल्क ले सकेगा। परिवहन कार्मिकों की वेशभूषा में बदलाव संशोधित नियमावली में टीटीओ-2 की वेशभूषा में भी बदलाव किया गया है। अभी तक ये अपने कंधों पर सफेद धातु के दो स्टार लगा सकते थे और इनके कंधे पर परिवहन लिखा बैज होता था। संशोधन के बाद अब ये पांच कोने वाले यलो प्लेटेड तीन सितारे और काले और लाल रंग की कंधों की पट्टी पहन सकेंगे। इन्हें काले के स्थान पर भूरे जूते पहनने को भी अधिकृत किया गया है। कॉन्स्टेबल से लेकर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी स्तर के अधिकारी काले और लाल रंग की कंधों की पट्टी लगाएंगे और बाजू में परिवहन विभाग का लोगो लगाएंगे।

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By udaen

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