जल जनित रोग हमारे और समाज के लिए चुनौतीपूर्ण विषय है इसलिए हमें इस बीमारी से बचाव
कार्यालय जिला सूचना अधिकारीए रूद्रप्रयाग। फोनध्फैक्स न0. 01364.233871 म्उंपसण्पदवितउंजपवदतचह871ध्हउंपसण्बवउ पे्रसनोट रूद्रप्रयाग 22 अगस्त ए2019 सू0वि0द्ध जैसा कि हम जानते है कि जल जनित रोग हमारे और समाज के लिए चुनौतीपूर्ण विषय है इसलिए हमें इस बीमारी से बचाव का संकल्प लेना होगा ताकि स्वच्छता के साथ.साथ स्वस्थ भी रह सके। जो हम निम्न विभिन्न विधियों से अपने आपको और समाज में ऐसे जल जनित रोगध्संक्रामक से फैलने वाली बीमारी की रोकथाम कर सकें। मुख्य चिकित्साधिकारी एस0के0झा ने बताया कि जल जनित रोगध्संक्रामक से फैलने के वाली बीमारी की रोकथाम के लिए 20 लीटर पानी में 01 क्लोरीन पीसकर डालेंए 02 घण्टे उपरान्त ही इस्तेमाल करे। क्लोरीन की गोली सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रध्सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रध्जिला चिकित्सालय में निःषुल्क उपलब्ध है। उन्होने बताया कि पानी को उबालकर ही इस्तेमाल करेए सप्ताह में एक बार घर की टंकी को जरूर साफ करेए खाना खाने से पहले शौचालय करने के बाद एवं खाना बनाने से पहले अपने हाथ को साबुन से नियमित रूप से धोयेए पानी के बर्तन को हमेषा साफ रखे और ढककर रखे तथा जमीन के ऊपर रखेए सब्जियों को अच्छी तरह से धोयेए समय पर नियमित स्नान करनाए नियमित दांत साफ करनाए घर के आस.पास रूके हुए पानी को हटा दे तथा घर के कूडे.करकट को कूडेदान में इक्ट्ठा कर निस्तारण करें। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जल जनित रोगध्संक्रामक से फैलने के लिए क्या न करे। घर का गन्दा पानी सड़क पर इक्ट्ठा न होने देए बच्चों को घर के बाहर खुले में व नालियों में शौच न करने देए खुले में शौच न करेए तालाबए नदीए नहर व प्राकृतिक स्रोत का पानी न पीयें तथा पानी निकालते समय बर्तन में हाथ न डूबायेए पानी निकालने के लिए डण्डी वाले लोटे का ही प्रयोग करे। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि डेंगू कैसे करें पहचानध् डेंगू के लक्षण अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार का होना मांसपेषियों तथा जोड़ों में दर्द होनाए आँखों के पीछे दर्द होनाए जो कि आँखों को घुमाने से बढ़ता हैए जी मिचलाना एवं उल्टी होना तथा शरीर पर लाल चकते आनाए गम्भीर मामलों में नाकए मुँहए मसूड़ों से खून आना। उन्होने कहा कि डेंगू से कैसे रहे सावधानध्कैसे बचें के लिए मच्छरों को पनपने न दें तथा स्वयं को मच्छरों के काटने से बचायें। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि मच्छरों को पनपने न देने के लिए उपाय घर और उसके आस.पास पानी एकत्रित न होने देंए क्योंकि रूके हुए पानी में ही मच्छर पैदा होते हैं।कूलरए फूलदानए रेफ्रिजरेटर की ट्रे आदि का पानी सप्ताह में एक बार पूरी तरह खाली करें तथा सुखाकर ही दोबारा भरें। टुटे हुए बर्तनए बेकार टूटी.फूटी बोतलोंए टायरोंए डिब्बोंए नारियल के खोलए गमले आदि में पानी एकत्रित न होने दें। पानी की टंकी को ढककर रखें ताकि मच्छर उसमें प्रवेष न कर पाये।घर व घर के आस.पास के क्षेत्र में सफाई रखें।यदि आस.पास भरे पानी को हटाना आसान न हो तो उसमें कैरोसिन मिट्टी का तेलद्ध या पैट्रोल डालें। गड््ढों को मिट्टी से भर दें और रूकी हुई नालियों को साफ कर दें। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि स्वयं को मच्छरों के काटने से बचाने के लिए उपाय घर की खिड़कियों व दरवाजों पर महीन जाली लगवाकर मच्छरों को घर में आने से रोकें। पूरी बाँहों वाले कपड़ेध्ऐसे कपड़े जिसे शरीर का अधिक से अधिक भाग ढका रहेंए पहनेए मच्छरों को भगाने व मारने के लिए मच्छर नाषक क्रीमए स्प्रेए काईल्स आदि का प्रयोग करें। मच्छर दानी लगाकर सोयें। उन्होेने बताया कि डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। एसप्रिन व ब्रूफेन न खायें और नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर उपचार हेतु डाँक्टर की सलाह लें।
