घरेलू सत्र में दलालों से सतर्क रहें क्रिकेटर व अभिभावक
बीसीसीआइ ने उत्तराखंड में क्रिकेटरों व उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे दलालों से सतर्क रहें। उनका कहना है कि बीसीसीआइ किसी टूर्नामेंट की टीम चयन या ट्रायल के लिए पैसे नहीं लेती और न ही पैसे लेकर टीम में जगह दिलाने जैसी कोई योजना है। ऐसे में अगर कोई आपसे पैसे लेकर टीम में शामिल कराने की बात कहे तो उसके झांसे में न आएं। बल्कि अपने नजदीकी पुलिस थाने में इसकी शिकायत करें।
बीसीसीआइ का घरेलू सत्र 2019-20 सितंबर से शुरू हो जाएगा। उत्तराखंड की टीम दूसरी बार बीसीसीआइ के घरेलू सत्र में प्रतिभाग करने जा रही है। ऐसे में कुछ लोगों के गुट सक्रिय हो गए हैं। जो राज्य के खिलाड़ियों व उनके अभिभावकों को बहला फुसलाकर अपने जाल में फंसा लेते हैं। ऐसे गुट अपने सोर्स का हवाला देते हुए क्रिकेटरों का चयन टीम में कराने की गारंटी लेकर अभिभावकों से मोटी रकम हड़प लेते हैं। उत्तराखंड क्रिकेट कंसेंसस कमेटी के मैनेजर क्रिकेट ऑपरेशन अमित पांडे ने बताया कि बीसीसीआइ किसी भी टूर्नामेंट के लिए न ही पंजीकरण शुल्क लेता है और न ही ट्रायल के लिए किसी तरह का शुल्क लिया जाता है। उन्होंने कहा कि बिना मेहनत के टीम में चुने जाने का भी कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने राज्य की जनता से अपील की है कि अगर कोई भी व्यक्ति उनके बच्चों को टीम में जगह दिलाने के नाम से पैसे की मांग करता है तो सीधा नजदीकी पुलिस थाने में इसकी शिकायत करें या अभिमन्यु क्रिकेट ऐकेडमी स्थित बीसीसीआइ के लोकल ऑफिस में अमित पांडे से भी इसकी शिकायत कर सकते हैं।