Spread the love

क्वालिफिकेशन राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद भारतीय जोड़ी ने फाइनल तक का सफर तय किया। शीतल देवी का शानदार प्रदर्शन और पायल नाग का अंतरराष्ट्रीय मंच पर उभरता करियर बना चर्चा का विषय।

आइची-नागोया, जापान | 22 अक्टूबर 2026

जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा तीरंदाज और ने महिला कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। बुधवार, 21 अक्टूबर को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को चीन की शुएचिंग शू और जिंग झाओ के खिलाफ 141–150 से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही भारत को प्रतियोगिता की पैरा तीरंदाजी स्पर्धा में पहला पदक मिला।

क्वालिफिकेशन में बनाया एशियाई रिकॉर्ड

भारतीय जोड़ी ने फाइनल से पहले क्वालिफिकेशन राउंड में शानदार प्रदर्शन किया था। शीतल देवी और पायल नाग ने संयुक्त रूप से 1,379 अंक हासिल कर एशियाई और एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया। इस प्रदर्शन के साथ दोनों ने क्वालिफिकेशन में पहला स्थान हासिल किया था।

हालांकि, फाइनल में चीनी तीरंदाजों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 150 अंक हासिल किए, जबकि भारतीय जोड़ी 141 अंक तक पहुंच सकी। इस तरह भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

शीतल देवी ने फिर दिखाई निशाने की सटीकता

जम्मू-कश्मीर की शीतल देवी भारतीय पैरा तीरंदाजी की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने इससे पहले महिला कंपाउंड व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन राउंड में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की थी। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही एशियाई रिकॉर्ड भी बेहतर किया।

शीतल देवी पेरिस पैरालंपिक 2024 में मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। एशियन पैरा गेम्स में उनका लगातार शानदार प्रदर्शन भारतीय पैरा खेलों की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।

पायल नाग की उपलब्धि भी खास

ओडिशा के बलांगीर की रहने वाली पायल नाग के लिए यह पदक अंतरराष्ट्रीय खेल करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बचपन में बिजली के तेज झटके के कारण उनके चारों अंग प्रभावित हुए थे। इसके बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों से आगे बढ़ते हुए तीरंदाजी को अपना लक्ष्य बनाया।

पायल विशेष तकनीक और अनुकूलित उपकरणों की मदद से तीरंदाजी करती हैं। शीतल देवी से प्रेरित होकर इस खेल में कदम रखने वाली पायल ने अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि उचित प्रशिक्षण, अवसर और संसाधन मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 अक्टूबर को शीतल देवी और पायल नाग को रजत पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन को टीम भावना और खेल उत्कृष्टता का उदाहरण बताते हुए उनके आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं।

उपलब्धि का संदेश: दिव्यांगता नहीं, अवसरों की कमी है असली चुनौती

शीतल देवी और पायल नाग की सफलता केवल एक पदक की कहानी नहीं है। यह खेलों में समान अवसर, बेहतर प्रशिक्षण और समावेशी व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करती है।

भारत में दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है कि उन्हें आधुनिक खेल सुविधाएं, प्रशिक्षित कोच, अनुकूल उपकरण और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उनकी उपलब्धियों को केवल प्रेरणादायक कहानियों तक सीमित रखने के बजाय खेल नीति और संसाधनों में भी समान भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।

शीतल देवी और पायल नाग का रजत पदक देश के लिए गौरव का क्षण है और इस बात का प्रमाण भी कि प्रतिभा को सही अवसर मिले, तो वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकती है।

स्रोत: डीडी न्यूज़, प्रेस सूचना ब्यूरो एवं खेल समाचार रिपोर्टें।


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *