पौड़ी गढ़वाल। जिला निरीक्षण समिति ने राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर), गड़ोली एवं राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण का त्रैमासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान समिति ने संस्थानों में रह रहे बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता, शिक्षा, खेलकूद, मनोरंजन और समग्र देखभाल से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गड़ोली में पांच विधि-विवादित किशोर मिले
राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर), गड़ोली में निरीक्षण के दौरान 05 विधि-विवादित किशोर निवासरत पाए गए। समिति के सदस्यों ने किशोरों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान क्रीड़ा कक्ष में टेबल टेनिस टेबल उपलब्ध मिली। समिति ने किशोरों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए नियमित खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए।
मनोरंजन कक्ष और पुस्तकालय में कक्षा 06 से 12 तक की पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध मिलीं। समिति ने बच्चों को पुस्तकों तथा अन्य रचनात्मक संसाधनों का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
भवन के सुदृढ़ीकरण और मरम्मत पर जोर
समिति ने संप्रेक्षण गृह के भवन एवं परिसर में आवश्यक सुदृढ़ीकरण और मरम्मत कार्य कराने का सुझाव दिया। समिति सचिव एवं जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
बच्चों की पसंद के अनुसार भोजन व्यवस्था के निर्देश
निरीक्षण के दौरान समिति ने बच्चों से उनके भोजन की पसंद और रुचि के संबंध में जानकारी ली। समिति ने स्वास्थ्य एवं आवश्यकता के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही खाना बनाने में रुचि रखने वाले बच्चों को उचित मार्गदर्शन और निगरानी में भोजन तैयार करने का अवसर देने को कहा गया। समिति का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से बच्चों में आत्मनिर्भरता, सहभागिता और जीवन-कौशल का विकास किया जा सकता है।
दत्तक ग्रहण अभिकरण में कोई बच्चा निवासरत नहीं
राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के निरीक्षण के दौरान वहां कोई बच्चा निवासरत नहीं मिला। समिति ने संस्थान में साफ-सफाई बनाए रखने के साथ-साथ स्वच्छ, सुरक्षित, स्वस्थ और बाल-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दैनिक स्वच्छता व्यवस्था की नियमित निगरानी पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि बच्चों के लिए संस्थान में सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण बना रहे।
फर्स्ट एड किट का भी किया परीक्षण
निरीक्षण के दौरान डॉ. आशीष गुसाईं एवं डॉ. पुनीत भट्ट ने फर्स्ट एड किट का परीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक उपचार में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री की उपलब्धता तथा उसकी उपयोगिता का जायजा लिया।
बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता
जिला निरीक्षण समिति ने बाल देखरेख संस्थाओं में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। समिति ने निर्देश दिए कि बच्चों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उनके सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अरुण खुगसाल, बाल कल्याण समिति सदस्य श्रीमती गंगोत्री नेगी एवं श्रीमती सुनीता भट्ट तथा संरक्षण अधिकारी सागर लिंगवाल उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु:
- राजकीय संप्रेक्षण गृह, गड़ोली में 05 विधि-विवादित किशोर मिले।
- खेलकूद और शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश।
- पुस्तकालय एवं मनोरंजन संसाधनों के उपयोग पर जोर।
- भवन के सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत की कार्यवाही वर्षा ऋतु के बाद प्रस्तावित।
- बच्चों की रुचि और स्वास्थ्य के अनुरूप भोजन व्यवस्था के निर्देश।
- खाना बनाने में रुचि रखने वाले बच्चों को निगरानी में जीवन-कौशल विकसित करने का अवसर देने पर जोर।
- विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण में निरीक्षण के समय कोई बच्चा निवासरत नहीं मिला।
- फर्स्ट एड किट की उपलब्धता और उपयोगिता का परीक्षण किया गया।
