भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) को बढ़ावा देने में ISL Cell के 25 वर्ष पूरे, आलोक केजरीवाल ने दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली। भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language-ISL) के प्रचार-प्रसार और बधिर समुदाय के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत ISL Cell ने अपने 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर Alok Kejriwal ने संस्था को बधाई देते हुए उसके योगदान की सराहना की।
आलोक केजरीवाल, जो ‘India Signing Hands’ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं और Ali Yavar Jung National Institute of Speech and Hearing Disabilities की सुगम्यता एवं बधिर सशक्तिकरण संबंधी पहलों से ब्रांड एंबेसडर के रूप में जुड़े हैं, ने कहा कि ISL Cell ने पिछले 25 वर्षों में समावेशी संवाद को मजबूत बनाने और सांकेतिक भाषा के माध्यम से बधिर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सांकेतिक भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समान अवसर, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करने का एक प्रभावी साधन भी है। ISL Cell के प्रयासों ने देश में सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने और सुगम्य संचार व्यवस्था विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
भारत सरकार के Department of Empowerment of Persons with Disabilities तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत AYJNISHD(D) द्वारा दिव्यांगजन, विशेषकर बधिर समुदाय, के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य शिक्षा, कौशल विकास, सूचना तक पहुंच और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है।
ISL Cell की 25 वर्षों की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि भाषा और संचार की बाधाओं को दूर कर समाज को अधिक समावेशी बनाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिव्यांगजन-अनुकूल नीतियों, सांकेतिक भाषा के व्यापक उपयोग और सुगम्य सेवाओं का विस्तार आवश्यक है।
#25YearsOfISLCell का यह अवसर भारतीय सांकेतिक भाषा आंदोलन की उपलब्धियों को रेखांकित करने के साथ-साथ भविष्य में और अधिक समावेशी एवं सुलभ भारत के निर्माण का संकल्प भी प्रस्तुत करता है।
