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टिहरी गढ़वाल से वैश्विक ब्रांड तक: मीरा कुलकर्णी ने कैसे खड़ा किया 8,300 करोड़ का ‘फॉरेस्ट एसेंशियल्स’ साम्राज्य

नई दिल्ली/टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की जड़ों से जुड़ी उद्यमी मीरा कुलकर्णी आज भारतीय आयुर्वेदिक सौंदर्य उद्योग का एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने केवल 2 लाख रुपये की शुरुआती पूंजी से जिस छोटे घरेलू उद्यम की शुरुआत की थी, वही आज ‘Forest Essentials’ के रूप में लगभग 8,300 करोड़ रुपये के मूल्यांकन वाला लक्ज़री आयुर्वेदिक ब्रांड बन चुका है।

साल 2000 में मीरा कुलकर्णी ने नई दिल्ली के एक छोटे गैराज से दो कर्मचारियों के साथ हस्तनिर्मित साबुन और मोमबत्तियां बनाना शुरू किया। उस दौर में भारतीय प्रीमियम स्किनकेयर बाजार पर विदेशी ब्रांडों का दबदबा था, जबकि आयुर्वेदिक उत्पादों को आमतौर पर सस्ते या केवल औषधीय उपयोग तक सीमित माना जाता था। मीरा ने इसी धारणा को बदलने का निर्णय लिया।

कंपनी की पहली बड़ी सफलता तब मिली जब दिल्ली के Hyatt Regency होटल ने अपने कमरों के लिए उनके साबुनों का ऑर्डर दिया। इसके बाद Forest Essentials ने तेजी से पहचान बनानी शुरू की और कुछ ही वर्षों में यह लक्ज़री आयुर्वेदिक उत्पादों के क्षेत्र में एक स्थापित नाम बन गया।

उत्तराखंड से जुड़ा उत्पादन मॉडल

Forest Essentials की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक इसका उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव है। कंपनी का प्रमुख उत्पादन केंद्र टिहरी गढ़वाल जिले के लोड़सी क्षेत्र में स्थापित किया गया, जहां स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया। कंपनी ने हिमालयी जड़ी-बूटियों, प्राकृतिक जल स्रोतों और पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को अपने उत्पादों की पहचान बनाया।

आज भी कंपनी के उत्पादन केंद्र उत्तराखंड के हरिद्वार और टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में संचालित हैं। Forest Essentials के उत्पाद 120 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हैं और देशभर के अनेक लक्ज़री होटलों एवं स्पा श्रृंखलाओं में उपयोग किए जाते हैं।

वैश्विक निवेशकों की नजर

Forest Essentials की सफलता ने वैश्विक कॉस्मेटिक उद्योग का भी ध्यान आकर्षित किया। वर्ष 2008 में अमेरिकी सौंदर्य प्रसाधन कंपनी Estée Lauder ने इसमें हिस्सेदारी खरीदी। बाद के वर्षों में यह हिस्सेदारी बढ़ती गई और 2026 में Estée Lauder ने कंपनी के शेष शेयरों के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू की।

संघर्ष से सफलता तक

मीरा कुलकर्णी का जीवन केवल व्यावसायिक उपलब्धियों की कहानी नहीं है। निजी जीवन में कठिन परिस्थितियों, एकल मातृत्व और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के बाद उन्होंने उद्यमिता का रास्ता चुना। यही संघर्ष आगे चलकर भारतीय लक्ज़री आयुर्वेद उद्योग की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक बन गया।

उत्तराखंड के लिए एक संदेश

Forest Essentials की कहानी इस बात का उदाहरण है कि उत्तराखंड की पारंपरिक वनस्पति संपदा, स्थानीय कौशल और आयुर्वेदिक विरासत को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सकता है। ऐसे समय में जब पहाड़ों से पलायन और रोजगार संकट बड़ी चुनौतियां हैं, मीरा कुलकर्णी का मॉडल यह दिखाता है कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग भी अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकते हैं।


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By udaen

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