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भारत-स्वीडन रणनीतिक साझेदारी के लिए संयुक्त एक्शन प्लान लॉन्च

भारत और स्वीडन ने रणनीतिक साझेदारी को लागू करने के लिए संयुक्त कार्ययोजना 2026-2030 अपनाई है। इसमें सुरक्षा, व्यापार, उभरती तकनीक, नवाचार, हरित विकास और लोगों के बीच संपर्क शामिल है।

 SHABD,New Delhi, May 18,

मई 17, नई दिल्ली:

भारत और स्वीडन ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त कार्ययोजना 2026-2030 को अपनाया है। 17 मई 2026 को गोथेनबर्ग में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने लचीले, टिकाऊ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के निर्माण के लिए साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस संयुक्त कार्ययोजना के प्रमुख चार स्तंभ हैं। पहला स्तंभ स्थिरता और सुरक्षा से जुड़ा है। इसके तहत राजनीतिक संवाद को मजबूत करने, रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने, आतंकवाद और उग्रवाद से मुकाबला करने के साथ रक्षा निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

दूसरा स्तंभ अगली पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी पर केंद्रित है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक आदान-प्रदान को दोगुना करने, व्यापार और निवेश बढ़ाने, “मेक इन इंडिया” और “मेड विद स्वीडन” पहल को आगे बढ़ाने तथा कनेक्टिविटी और एयर लिंक को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।

तीसरा स्तंभ उभरती प्रौद्योगिकियों और विश्वसनीय संपर्क से संबंधित है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 6जी, क्वांटम कंप्यूटिंग, अंतरिक्ष, डिजिटल परिवर्तन और संयुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है।

चौथा स्तंभ लोगों, पर्यावरण और लचीले भविष्य को आकार देने पर आधारित है। इसके तहत हरित औद्योगिक परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, कौशल विकास, छात्र और शोधकर्ता आदान-प्रदान तथा सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

इसके अलावा, संयुक्त कार्ययोजना के तहत 2026 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की स्वीडन यात्रा के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर “टैगोर-स्वीडन लेक्चर सीरीज़” शुरू करने की घोषणा भी की गई है।

( स्रोत-

विदेश मंत्रालय

 )


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By udaen

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