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गांव की बेकरी बनी महिलाओं की ताकत, पारंपरिक मिलेट्स स्वाद से लाखों का कारोबार

राजधानी देहरादून की एक महिला उद्यमी आज प्रदेशभर की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट में मिलेट्स और स्थानीय अनाजों से कई प्रीमियम उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

 SHABD,Dehradun, May 14,

14 मई 2026, देहरादून:

राजधानी देहरादून की एक महिला उद्यमी आज प्रदेशभर की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। ग्रामोत्थान-रीप परियोजना के सहयोग से विकासनगर की ग्राम सोरना डोभरी निवासी कल्पना बिष्ट ने लगभग 10 लाख रुपये की लागत से बेकरी यूनिट स्थापित की थी। आज यह यूनिट सालाना लगभग 40 लाख रुपये का कारोबार कर रही है। साथ ही कई अन्य महिलाओं को भी इससे रोजगार मिला है।

स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट में मिलेट्स और स्थानीय अनाजों से कई प्रीमियम उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें मिल्क रस, गोलगप्पे, मंडवे के बिस्कुट, गुड़-मक्खन बिस्कुट, शहद से बने हनी ओट्स बिस्कुट सहित अनेक पारंपरिक उत्पाद शामिल हैं। स्थानीय स्वाद और पौष्टिकता के कारण इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। यूनिट के कई उत्पाद, जैसे मक्खन बिस्कुट, मिल्क रस और गुड़ की चॉकलेट कैंडी, “हाउस ऑफ हिमालय” में भी अपनी विशेष पहचान बना चुके हैं। इसके अतिरिक्त कल्पना बिष्ट पहाड़ी दालों और कच्ची घानी के सरसों के तेल का व्यवसाय भी कर रही हैं। 

कल्पना बिष्ट ने अपने फैशन डिजाइनिंग के हुनर को भी इस व्यवसाय में प्रभावी ढंग से उपयोग किया, वह उत्पादों की आकर्षक और प्रीमियम पैकेजिंग स्वयं तैयार करती हैं, जिससे उत्पादों की प्रस्तुति ग्राहकों को काफी पसंद आ रही है।

38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान भी स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट ने 27 क्विंटल गुड़-मक्खन, मंडवे, झंगोरे और शहद से बने बिस्कुटों की बिक्री कर लगभग 10 लाख रुपये की आय अर्जित की। हाल ही में आयोजित वसंत उत्सव में भी लोक भवन में लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से यूनिट को अच्छा लाभ प्राप्त हुआ।

शुरुआत में यह यूनिट केवल प्रेमनगर, सेलाकुई, सहसपुर, हरबर्टपुर, विकासनगर, कालसी और देहरादून तक सीमित थी, लेकिन अब इसके उत्पाद उत्तरकाशी और टिहरी तक सीधे पहुंच रहे हैं। 

जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट आज प्रोफेशनल और स्वच्छ तरीके से कार्य कर रही है तथा इसके उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल की सफलता को देखते हुए अन्य विकासखंडों में भी ऐसी यूनिट स्थापित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।

बाइट– सोनम गुप्ता, जिला परियोजना प्रबंधक

बाइट– कल्पना बिष्ट, उद्यमी


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By udaen

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