आयोग ने अपर्याप्त आश्रय और संसाधनों के अभाव के कारण लू की चपेट में आने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, घर के बाहर काम करने वाले श्रमिकों, बुजुर्गों, बच्चों, नवजात शिशुओं और विशेष रूप से बेघर लोगों को होने वाले खतरे का उल्लेख किया है
राज्यों में वर्तमान मानक संचालन प्रक्रियाओं या एनडीएमए के दिशानिर्देशों के अनुसार लू के प्रभाव को कम करने और जनहानि को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है
PIB Delhi
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 21 राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र- दिल्ली में देश में भीषण गर्मी के दौरान प्रभावित होने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पहले से ही कार्रवाई करने और राहत संबंधी उपाय लागू करने को कहा है। ये राज्य हैं: आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरलम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।
आयोग ने पाया है कि बार-बाल लू चलने, उसकी अवधि और तीव्रता में वृद्धि के कारण हाशिए पर रहने वाले, आर्थिक रूप से दुर्बल वर्ग, घरों के बाहर काम करने वाले श्रमिक और बेघर लोग गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं क्योंकि उनके पास पर्याप्त आश्रय और संसाधन नहीं होते। बुजुर्ग, अल्पवयस्क, बच्चे और नवजात शिशु अत्यधिक गर्मी के कारण स्वास्थ्य पर पड़नेवाले प्रभावों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं। इसके अतिरिक्त लू से आजीविका का नुकसान हो सकता है और आग लगने से होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए आयोग ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में तत्काल एकीकृत और समावेशी उपाय किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। आयोग ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का उल्लेख किया है जिसके अनुसार 2019-23 के बीच भारत में भीषण गर्मी या लू लगने से 3,712 लोगों की मृत्यु हो गई और आग्रह किया है कि वे लू के प्रभाव को कम करने और जनहानि को रोकने के लिए अपनी वर्तमान मानक संचालन प्रक्रियाओं या राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ओर से जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप राहत उपायों को सुचारू रूप से लागू करने की योजना बनाएं और कार्यान्वयन को सुगम बनाएं।
आयोग ने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर जिलों से इस सिलसिले में समेकित कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा है।
